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मुनस्यारी के ग्रामीण अंचलों में पेयजल की गंभीर किल्लत
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:07 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। इस तहसील के ग्रामीण अंचलों में पेयजल की गंभीर किल्लत हो गई है। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की अब तक मरम्मत न होने से यह समस्या पैदा हुई है। तहसील के बाता, वल्थी, पत्थरकोट, गैला, मदरमा, पापड़ी, मदकोट, गोल्फा, समकोट में पेयजल लाइन ठप होने से लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटाना पड़ रहा है। तहसील मुख्यालय में दिन में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई हो पा रही है।
लोगों का कहना है कि तहसील मुख्यालय में जल संस्थान का कोई कर्मचारी नहीं रहता। इस कारण लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। आरोप लगाया कि अवर अभियंता वीरेंद्र मलूना ग्रामीण अंचलों में नहीं आते हैं। वह पिछले महीने क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे, उसके बाद वह नहीं आए। वहीं, मलूना ने स्वीकार किया कि वह क्षेत्र समिति की बैठक में भाग लेने के बाद से मुनस्यारी नहीं जा पाए हैं। अब क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर जल्दी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
इधर, ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। उन्होंने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को पत्र लिखकर शीघ्र क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत की मांग की है।
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लोगों का कहना है कि तहसील मुख्यालय में जल संस्थान का कोई कर्मचारी नहीं रहता। इस कारण लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। आरोप लगाया कि अवर अभियंता वीरेंद्र मलूना ग्रामीण अंचलों में नहीं आते हैं। वह पिछले महीने क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे, उसके बाद वह नहीं आए। वहीं, मलूना ने स्वीकार किया कि वह क्षेत्र समिति की बैठक में भाग लेने के बाद से मुनस्यारी नहीं जा पाए हैं। अब क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर जल्दी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
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इधर, ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। उन्होंने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को पत्र लिखकर शीघ्र क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत की मांग की है।
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