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Pithoragarh: भूस्खलन से खतरे की जद में आया 65 करोड़ रुपये का बेस अस्पताल, दीवारों पर आईं दरारें

Wed, 19 Mar 2025 04:54 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 19 Mar 2025 04:54 PM IST
सार

भूस्खलन से बेस अस्पताल पिथौरागढ़ खतरे की जद में आ गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए बन रहे भवन के लिए खोदाई करते समय सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए। 

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65 crore base hospital in danger due to landslide in pithoragarh
बेस अस्पताल पिथौरागढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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पिथौरागढ़ जिले के ल्यूंठूड़ा क्षेत्र में भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले चंडाक रोड पर बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग भूस्खलन की भेंट चढ़ गई। अब भूस्खलन से बेस अस्पताल खतरे की जद में आ गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए बन रहे भवन के लिए खोदाई करते समय सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए। नतीजतन बीते दिनों हुई बारिश के बाद कमजोर हुई जमीन में भूस्खलन हो गया जिससे बेस अस्पताल के मुख्य भवन की नींव और दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में भवन निर्माण का काम रोक दिया गया है।

ल्युंठूड़ा में 65 करोड़ की लागत से बेस अस्पताल का निर्माण किया गया है। जिले में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलने के बाद बेस का इसके अधीन संचालन शुरू हुआ है। अस्पताल के पास मेडिकल कॉलेज के नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। बेस के मुख्य भवन के नीचे बीते दिनों नए भवन के लिए खोदाई शुरू की गई जिसमें अस्पताल की सुरक्षा को अनदेखा कर दिया गया। अब हाल ही में हुई बारिश के बाद बेस अस्पताल के मुख्य भवन के ठीक नीचे भारी भूस्खलन हो गया है जिससे अस्पताल के भवन को खतरा पैदा हो गया है।

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भवन की नींव और दीवारों पर चौड़ी दरारें उभर आई हैं और जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है। बेस अस्पताल में 50 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। यहां रोजाना 40 से अधिक मरीज इलाज, डायलिसिस और सीटी स्कैन के लिए पहुंचते हैं। यदि अस्पताल भवन की सुरक्षा के जल्द इंतजाम नहीं किए गए तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। 

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सुरक्षा उपाय करने के लिए दो बार लिखा जा चुका है पत्र
बेस अस्पताल में भूस्खलन होते ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कार्यदायी संस्था को सुरक्षा के प्रबंध करने के लिए पत्र लिखा लेकिन नतीजा शून्य रहा। कॉलेज प्रबंधन ने फिर से दूसरा पत्र भेजा लेकिन कार्यदायी संस्था ने अब तक सुरक्षा के इंतजाम करने की कोई पहल नहीं की है। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने भी नए भवन के निर्माण पर रोक लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।

ब्रिडकुल की कार्यशैली सवालों में
चंडाक रोड पर पार्किंग निर्माण और बेस अस्पताल के पास मेडिकल कॉलेज के नए भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी ब्रिडकुल को दी गई है। चंडाक रोड पर हुए भूस्खलन को देखते हुए पार्किंग निर्माण का कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है। वहीं बेस अस्पताल के पास मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन से अस्पताल भवन खतरे की जद में आ गया है। ऐसे में ब्रिडकुल की कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं। जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर ने कहा कि ब्रिडकुल बड़े-बड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही बरत रहा है जिससे जनता का पैसा डूब रहा है। इसके बाद भी संस्था के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जो गंभीर है।

बेस अस्पताल के पास नए भवन का निर्माण करने के दौरान सुरक्षा के प्रबंध न करने से भूस्खलन हुआ है। कार्यदायी संस्था को सुरक्षा के प्रबंध करने के लिए दो बार पत्र भेजा जा चुका है इसके बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यदि जल्द सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़

बेस अस्पताल भवन में पहले से ही दरारें पड़ी हैं। कॉलेज प्रबंधन से वार्ता हो चुकी है। नए भवन के निर्माण से पहले अस्पताल भवन की सुरक्षा के उपाय किए जाएंंगे। - अनुज कुमार, आवासीय अभियंता, ब्रिडकुल

 

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