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हास्टल में संचालित हो रहा धारचूला का आईटीआई
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:16 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। धारचूला का औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) 11 साल से अस्कोट आईटीआई के हॉस्टल में चल रहा है। इस कारण अस्कोट आईटीआई के विद्यार्थी हॉस्टल के स्थान पर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। इससे नाराज अभिभावकों ने धारचूला आईटीआई को धारचूला में ही संचालित करने की मांग उठाई है।
धारचूला का आईटीआई स्थापना वर्ष 2006 से अस्कोट में संचालित हो रहा है। वर्तमान में इस आईटीआई में ड्राफ्टमैन, इलैक्ट्रीशियन, फीडर और इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड चल रहे हैं, जिनकी कक्षाएं अस्कोट आईटीआई के छात्रावास में संचालित की जा रही हैं। हॉस्टल के किचन में धारचूला आईटीआई का मीटिंग हॉल है। धारचूला आईटीआई में 80 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। वहीं, हॉस्टल पर कब्जा होने के कारण अस्कोट आईटीआई में बाहर से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को अस्कोट बाजार अथवा गांवों में कमरा किराए पर लेना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्कोट आईटीआई में डेढ़ सौ विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते हैं। धारचूला के विद्यार्थियों को भी अस्कोट से आईटीआई संचालित होने में परेशानी होती है।
अभिभावक पार्वती देवी, डीएन उपाध्याय, कुंदन बसेड़ा ने कहा कि हॉस्टल होते हुए भी उसका लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। धारचूला का आईटीआई धारचूला में ही संचालित किया जाना चाहिए। उधर, अस्कोट आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य नवीन चंद्र पंत कहते हैं कि शासन के आदेश पर धारचूला का आईटीआई संचालित हो रहा है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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धारचूला का आईटीआई स्थापना वर्ष 2006 से अस्कोट में संचालित हो रहा है। वर्तमान में इस आईटीआई में ड्राफ्टमैन, इलैक्ट्रीशियन, फीडर और इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड चल रहे हैं, जिनकी कक्षाएं अस्कोट आईटीआई के छात्रावास में संचालित की जा रही हैं। हॉस्टल के किचन में धारचूला आईटीआई का मीटिंग हॉल है। धारचूला आईटीआई में 80 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। वहीं, हॉस्टल पर कब्जा होने के कारण अस्कोट आईटीआई में बाहर से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को अस्कोट बाजार अथवा गांवों में कमरा किराए पर लेना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्कोट आईटीआई में डेढ़ सौ विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते हैं। धारचूला के विद्यार्थियों को भी अस्कोट से आईटीआई संचालित होने में परेशानी होती है।
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अभिभावक पार्वती देवी, डीएन उपाध्याय, कुंदन बसेड़ा ने कहा कि हॉस्टल होते हुए भी उसका लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। धारचूला का आईटीआई धारचूला में ही संचालित किया जाना चाहिए। उधर, अस्कोट आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य नवीन चंद्र पंत कहते हैं कि शासन के आदेश पर धारचूला का आईटीआई संचालित हो रहा है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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