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घरों को तोड़ने के बजाय जंगल से हो एनएच का सर्वे
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़। बडौली गांव से हो रहे एनएच के सर्वे के विरोध को देखते हुए शनिवार को एसडीएम एसके पांडेय ने एनएच के अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने सड़क का सर्वे जंगल से करने की मांग की।
पूर्व जिपं अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की पहल पर शनिवार को एसडीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि एनएच के सर्वे के अनुसार लगभग 15 मकान टूट रहे हैं। यदि इसी अनुसार सड़क निर्माण हुआ तो कई ग्रामीणों के पास मकान बनाने लायक भी जमीन नहीं बचेगी। ग्रामीणों ने एसडीएम और एनएच के अधिकारियों से सड़क का निर्माण जंगल से होकर करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करेंगे। पूर्व जिपं अध्यक्ष ने कहा कि सड़क निर्माण में गांव की उपजाऊ जमीन और घरों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान बडौली की प्रधान हरिप्रिया भट्ट, एनएच के एक्शन एलडी मथेला, पीएल चौधरी आदि थे।
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पूर्व जिपं अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की पहल पर शनिवार को एसडीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि एनएच के सर्वे के अनुसार लगभग 15 मकान टूट रहे हैं। यदि इसी अनुसार सड़क निर्माण हुआ तो कई ग्रामीणों के पास मकान बनाने लायक भी जमीन नहीं बचेगी। ग्रामीणों ने एसडीएम और एनएच के अधिकारियों से सड़क का निर्माण जंगल से होकर करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करेंगे। पूर्व जिपं अध्यक्ष ने कहा कि सड़क निर्माण में गांव की उपजाऊ जमीन और घरों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान बडौली की प्रधान हरिप्रिया भट्ट, एनएच के एक्शन एलडी मथेला, पीएल चौधरी आदि थे।
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