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नियोलिया सेरा में बनने लगे वायरक्रेट
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:57 PM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। अमर उजाला की खबर का एक बार फिर असर हुआ है। लोनिवि ने नियोलिया सेरा में खतरे में आई जमीन को बचाने के लिए वायरक्रेट लगाने शुरू कर दिए हैं।
अमर उजाला ने एक जुलाई के अंक में ‘नदी में बनी सड़क से खेत बहने का खतरा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर लोनिवि के बेड़ीनाग डिवीजन ने नियोलिया सेरा में जमीन को बचाने के लिए वायरक्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता मोहन सिंह पलड़िया ने बताया कि नियोलिया सेरा की कुलूर नदी में 40 वायरक्रेट बनाए जा रहे हैं। वायरक्रेट लगाने का काम शुरू होने पर प्रधान मोहन चंद्र जोशी, संजय सिंह डसीला, सुरेश सिंह, अर्जुन सिंह, जगदीश सिंह ने अमर उजाला का आभार जताया है।
बता दें कि एक फरवरी 2017 को नियालियासेरा का मोटर पुल ध्वस्त हो गया था। उस समय पुल से दो लोडेड ट्रक गुजर रहे थे। हादसे में पुल पर बैठे दो युवकों की मौत हो गई थी। उसके बाद कुलूर नदी से अस्थायी सड़क बनाई गई है। सड़क बनाने से नदी का बहाव रुक गया है, इससे नदी के आसपास स्थित खेतों के बहने का खतरा पैदा हो गया। इस पर लोगों ने सुरक्षा के उपाय करने की मांग की थी।
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अमर उजाला ने एक जुलाई के अंक में ‘नदी में बनी सड़क से खेत बहने का खतरा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर लोनिवि के बेड़ीनाग डिवीजन ने नियोलिया सेरा में जमीन को बचाने के लिए वायरक्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता मोहन सिंह पलड़िया ने बताया कि नियोलिया सेरा की कुलूर नदी में 40 वायरक्रेट बनाए जा रहे हैं। वायरक्रेट लगाने का काम शुरू होने पर प्रधान मोहन चंद्र जोशी, संजय सिंह डसीला, सुरेश सिंह, अर्जुन सिंह, जगदीश सिंह ने अमर उजाला का आभार जताया है।
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बता दें कि एक फरवरी 2017 को नियालियासेरा का मोटर पुल ध्वस्त हो गया था। उस समय पुल से दो लोडेड ट्रक गुजर रहे थे। हादसे में पुल पर बैठे दो युवकों की मौत हो गई थी। उसके बाद कुलूर नदी से अस्थायी सड़क बनाई गई है। सड़क बनाने से नदी का बहाव रुक गया है, इससे नदी के आसपास स्थित खेतों के बहने का खतरा पैदा हो गया। इस पर लोगों ने सुरक्षा के उपाय करने की मांग की थी।
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