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राजस्व ने वन विभाग को सौंपी जांच
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:53 PM IST
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पिथौरागढ़। गणाई क्षेत्र की लाखतोली ग्राम पंचायत के जंगल में चीड़ के 30 पेड़ों के अवैध कटान का मामला प्रकाश मेें आया है। माफिया ने सुनियोजित तरीके से वन पंचायत की सिविल भूमि पर खड़े पेड़ों पर रातोंरात आरी चला दी। राजस्व विभाग ने वन विभाग को घटना की जांच और कार्रवाई को कहा है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद शनिवार को रेंजर पीसी जोशी ने मौका मुुआयना किया। उन्होंने बताया कि मौके पर चीड़ के 30 पेड़ काटे गए हैं। यह भूमि बेनाप यानी सिविल भूमि है। इस पर राजस्व विभाग का कब्जा है। वहीं, राजस्व उपनिरीक्षक दीप चंद्र पंत का कहना कि वन कानून के तहत विभाग को जांच और कार्रवाई का अधिकार है। वन विभाग को घटना की जांच के लिए लिख दिया है।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात माफिया ने वन पंचायत की भूमि पर खड़े इन पेड़ों पर आरी चलाई थी। पेड़ काटने के साथ ही माफिया रातोंरात ही लकड़ी के गिल्टे बटोर कर ले गए थे। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को इस घटना का पता चला। ग्रामीणों ने वन विभाग और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पेड़ काटने वालों का जल्द पता लगाने और कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों की शिकायत के बाद शनिवार को रेंजर पीसी जोशी ने मौका मुुआयना किया। उन्होंने बताया कि मौके पर चीड़ के 30 पेड़ काटे गए हैं। यह भूमि बेनाप यानी सिविल भूमि है। इस पर राजस्व विभाग का कब्जा है। वहीं, राजस्व उपनिरीक्षक दीप चंद्र पंत का कहना कि वन कानून के तहत विभाग को जांच और कार्रवाई का अधिकार है। वन विभाग को घटना की जांच के लिए लिख दिया है।
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बता दें कि बृहस्पतिवार रात माफिया ने वन पंचायत की भूमि पर खड़े इन पेड़ों पर आरी चलाई थी। पेड़ काटने के साथ ही माफिया रातोंरात ही लकड़ी के गिल्टे बटोर कर ले गए थे। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को इस घटना का पता चला। ग्रामीणों ने वन विभाग और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पेड़ काटने वालों का जल्द पता लगाने और कार्रवाई की मांग की है।
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