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उत्पादों के लिए सबसे पहले बाजार का सर्वे जरूरी
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:43 PM IST
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उत्पादों के लिए सबसे पहले बाजार का सर्वे जरूरी
पिथौरागढ़। नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में उद्यमिता पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि उत्पाद के लिए सबसे पहले बाजार का सर्वे किया जाना चाहिए। इसी से विपणन को बढ़ावा मिल सकता है। टेक्नालाजी बिजनेस इंक्यूवेटर, काइट ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन गाजियाबाद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से यह कार्यशाला हुई।
इस दौरान प्रधानमंत्री की स्टार्ट योजना, स्टैंड इंडिया, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने को कहा गया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एसपी मिश्रा ने उद्यमों के लिए प्रेरणा पर व्याख्यान दिया। देहरादून से आए सुनील मदान ने बाजार सर्वेक्षण और विपणन पर रोशनी डालते हुए कहा कि जब तक बाजार का सर्वे नहीं होगा तब तक उत्पादों का विपणन भी संभव नहीं होगा। नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन के वरिष्ठ प्रबंधक डा. गोविंद शर्मा ने बौद्धिक संपदा कानून और कॉपीराइट के बारे में बताया।
नाबार्ड के प्रबंधक पुनीत नागर ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। टेक्नालाजी बिजनेस इंक्यूवेटर ग्रुप के महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार ने उद्यमी क्षमताओं के बारे में जानकारी दी। सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डा. वीके सिंह ने कहा कि उद्यमिता विकास से ही बेरोजगारी को समाप्त किया जा सकता है। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पाठ्य सामग्री बांटी गई। इस मौके पर संस्थान के सहायक प्रोफेसर मुकेश पांडे, पुनीत वर्मा समेत अन्य लोग थे।
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पिथौरागढ़। नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में उद्यमिता पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि उत्पाद के लिए सबसे पहले बाजार का सर्वे किया जाना चाहिए। इसी से विपणन को बढ़ावा मिल सकता है। टेक्नालाजी बिजनेस इंक्यूवेटर, काइट ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन गाजियाबाद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से यह कार्यशाला हुई।
इस दौरान प्रधानमंत्री की स्टार्ट योजना, स्टैंड इंडिया, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने को कहा गया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एसपी मिश्रा ने उद्यमों के लिए प्रेरणा पर व्याख्यान दिया। देहरादून से आए सुनील मदान ने बाजार सर्वेक्षण और विपणन पर रोशनी डालते हुए कहा कि जब तक बाजार का सर्वे नहीं होगा तब तक उत्पादों का विपणन भी संभव नहीं होगा। नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन के वरिष्ठ प्रबंधक डा. गोविंद शर्मा ने बौद्धिक संपदा कानून और कॉपीराइट के बारे में बताया।
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नाबार्ड के प्रबंधक पुनीत नागर ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। टेक्नालाजी बिजनेस इंक्यूवेटर ग्रुप के महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार ने उद्यमी क्षमताओं के बारे में जानकारी दी। सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डा. वीके सिंह ने कहा कि उद्यमिता विकास से ही बेरोजगारी को समाप्त किया जा सकता है। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पाठ्य सामग्री बांटी गई। इस मौके पर संस्थान के सहायक प्रोफेसर मुकेश पांडे, पुनीत वर्मा समेत अन्य लोग थे।
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