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Pithoragarh News: जिला अस्पताल से साढ़े तीन साल में 5104 रोगी हायर सेंटर हुए रेफर
Mon, 15 Jul 2024 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:36 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल।
पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ की स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। इस कारण अस्पताल प्रबंधन मजबूरी में रोगियों को हायर सेंटर रेफर कर रहा है। साढ़े तीन साल में 5104 रोगियों को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। लंबे समय से लोग यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी सीमांत के लोगों का दर्द किसी को नहीं दिख रहा है।
सीमांत के सबसे बड़े बीडी पांडेय जिला अस्पताल में चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। आईपीएचएस मानकों के अनुसार जिला अस्पताल में 41 पद स्वीकृत हैं। जिसमें से आठ पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलाॅजी, फोरेंसिक एक्सपर्ट के पद रिक्त चल रहे है। अस्पताल में नर्स के 76 पदों के सापेक्ष 63 ही कार्यरत हैं। अस्पताल में 13 नर्स के पद रिक्त चल रहे हैं। वार्डबॉय के 30 पद यहां सिर्फ आठ रिक्त चल रहे हैं और 21 कार्यरत हैं। इसमें भी चिकित्सा प्रबंधन समिति से छह वार्ड बाॅय कार्यरत हैं। अस्पताल के सर्जन के तीन पदों पर दो रेगुलर और एक यूएचएसडीपी से कार्यरत है। इसके अलावा अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलाॅजी, फोरेंसिक एक्सपर्ट के पद भी लंबे समय से रिक्त है। इस कारण यहां से रोगियों को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीएम का गृह जनपद होने के बाद चिकित्सकों की कमी है। उन्होंने सरकार से पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में चिकित्सकों को नियुक्ति करने की मांग की है।
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भारत ही नहीं नेपाल से भी बड़ी संख्या में आते हैं रोगी
पिथौरगढ़। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भारत ही नहीं नेपाल से भी बड़ी संख्या में रोगी उपचार को आते हैं। हर रोज अस्पताल में 700 से 800 ओपीडी होती है। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर रोगियों की लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है। इसके बाद भी यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने का खामियाजा सीमांत के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
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आईसीयू के संचालन के लिए नहीं मिला स्टाफ
पिथौरागढ़। हंस फाउंडेशन ने पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से आईसीयू बनाया है। आईसीयू के उद्घाटन के दौरान तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शीघ्र आईसीयू स्टाफ और चिकित्सकों की नियुक्ति करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं की है। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। संवाद
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर रोगी
साल- रोगी
2021 - 1395
2022- 1400
2023- 1491
2024- 818
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इनसेट कोट-
अस्पताल में मौजूद हर सुविधा का लाभ रोगियों को दिया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से दिक्कत हो रही है। नियुक्ति के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।- डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।
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सीमांत के सबसे बड़े बीडी पांडेय जिला अस्पताल में चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। आईपीएचएस मानकों के अनुसार जिला अस्पताल में 41 पद स्वीकृत हैं। जिसमें से आठ पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलाॅजी, फोरेंसिक एक्सपर्ट के पद रिक्त चल रहे है। अस्पताल में नर्स के 76 पदों के सापेक्ष 63 ही कार्यरत हैं। अस्पताल में 13 नर्स के पद रिक्त चल रहे हैं। वार्डबॉय के 30 पद यहां सिर्फ आठ रिक्त चल रहे हैं और 21 कार्यरत हैं। इसमें भी चिकित्सा प्रबंधन समिति से छह वार्ड बाॅय कार्यरत हैं। अस्पताल के सर्जन के तीन पदों पर दो रेगुलर और एक यूएचएसडीपी से कार्यरत है। इसके अलावा अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलाॅजी, फोरेंसिक एक्सपर्ट के पद भी लंबे समय से रिक्त है। इस कारण यहां से रोगियों को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीएम का गृह जनपद होने के बाद चिकित्सकों की कमी है। उन्होंने सरकार से पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में चिकित्सकों को नियुक्ति करने की मांग की है।
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भारत ही नहीं नेपाल से भी बड़ी संख्या में आते हैं रोगी
पिथौरगढ़। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भारत ही नहीं नेपाल से भी बड़ी संख्या में रोगी उपचार को आते हैं। हर रोज अस्पताल में 700 से 800 ओपीडी होती है। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर रोगियों की लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है। इसके बाद भी यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने का खामियाजा सीमांत के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
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आईसीयू के संचालन के लिए नहीं मिला स्टाफ
पिथौरागढ़। हंस फाउंडेशन ने पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से आईसीयू बनाया है। आईसीयू के उद्घाटन के दौरान तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शीघ्र आईसीयू स्टाफ और चिकित्सकों की नियुक्ति करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं की है। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। संवाद
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर रोगी
साल- रोगी
2021 - 1395
2022- 1400
2023- 1491
2024- 818
इनसेट कोट-
अस्पताल में मौजूद हर सुविधा का लाभ रोगियों को दिया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से दिक्कत हो रही है। नियुक्ति के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।- डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।