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दो किमी दूर गधेरे से पानी ढो रहे न्वाली वाले
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के न्वाली गांव में जल संकट बना है। पुरानी योजना के ध्वस्त होने और नई योजना का निर्माण नहीं होने से यहां के ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए दो किमी दूर गधेरे से पानी ढोना पड़ रहा है। गधेरे में भी पर्याप्त पानी नहीं होने से ग्रामीणों को बर्तन भरने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
न्वाली के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना है। पानी के अभाव में कई परिवार गांव छोड़ चुके हैं, जो परिवार गांव में हैं उन्होंने पानी संकट के कारण मवेशी पालना छोड़ दिया है। गांव के लिए वर्ष 2009 में बनी पेयजल योजना का संचालन पहले जल संस्थान द्वारा किया जाता था। बाद में इस योजना को ग्राम सभा को हस्तांतरित कर दिया गया। रखरखाव के अभाव में 15 किलोमीटर लंबी यह योजना ध्वस्त हो गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना के पुनर्निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन पेयजल संकट दूर नहीं हुआ। गांव में 80 प्रतिशत लोग अनुसूचित जाति के रहते हैं। आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्कूल, जूनियर हाईस्कूल के लिए भी इसी गधेरे से पानी का इंतजाम करना पड़ता है। उप प्रधान सतीश कुमार, दिवानी राम, होशियार राम, शंकर दत्त, रामदत्त आदि ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
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न्वाली के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना है। पानी के अभाव में कई परिवार गांव छोड़ चुके हैं, जो परिवार गांव में हैं उन्होंने पानी संकट के कारण मवेशी पालना छोड़ दिया है। गांव के लिए वर्ष 2009 में बनी पेयजल योजना का संचालन पहले जल संस्थान द्वारा किया जाता था। बाद में इस योजना को ग्राम सभा को हस्तांतरित कर दिया गया। रखरखाव के अभाव में 15 किलोमीटर लंबी यह योजना ध्वस्त हो गई है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना के पुनर्निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन पेयजल संकट दूर नहीं हुआ। गांव में 80 प्रतिशत लोग अनुसूचित जाति के रहते हैं। आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्कूल, जूनियर हाईस्कूल के लिए भी इसी गधेरे से पानी का इंतजाम करना पड़ता है। उप प्रधान सतीश कुमार, दिवानी राम, होशियार राम, शंकर दत्त, रामदत्त आदि ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
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