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चार सौ की आबादी दूषित पानी पीने को विवश
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:36 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र की 400 की आबादी पिछले दस दिनों से रामगंगा और भुजगड़ का प्रदूषित पानी पीने को विवश है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
पिछले दिनों बोरागांव-नाचनी आठ किमी पेयजल लाइन के 78 पाइप बोरागांव, रातिगाड़, हरड़िया और नया बस्ती में भूस्खलन की चपेट में आकर बह गए थे। इसके चलते कस्बे के लोगों की भीड़ हैंडपंपों पर उमड़ रही है। लोग दोपहिया वाहनों से तीन किमी दूर फल्याती, हुपुली से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। व्यापारी कुंवर चुफाल का कहना है कि क्षेत्र में आई आपदा के चलते नदियां उफान पर हैं।
जल संस्थान के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। कहा कि लोग जान जोखिम में डालकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। जल संस्थान डीडीहाट के उप खंड अधिकारी ने बताया कि पानी की आपूर्ति सुचारु करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। भारी बारिश और भूकटाव से लाइन निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं। कहा कि शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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पिछले दिनों बोरागांव-नाचनी आठ किमी पेयजल लाइन के 78 पाइप बोरागांव, रातिगाड़, हरड़िया और नया बस्ती में भूस्खलन की चपेट में आकर बह गए थे। इसके चलते कस्बे के लोगों की भीड़ हैंडपंपों पर उमड़ रही है। लोग दोपहिया वाहनों से तीन किमी दूर फल्याती, हुपुली से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। व्यापारी कुंवर चुफाल का कहना है कि क्षेत्र में आई आपदा के चलते नदियां उफान पर हैं।
जल संस्थान के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। कहा कि लोग जान जोखिम में डालकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। जल संस्थान डीडीहाट के उप खंड अधिकारी ने बताया कि पानी की आपूर्ति सुचारु करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। भारी बारिश और भूकटाव से लाइन निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं। कहा कि शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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