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सिरखाल के ग्रामीणों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन

Wed, 29 Aug 2018 10:45 PM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:45 PM IST
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सिरखाल के ग्रामीणों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
पिथौरागढ़। विण विकासखंड का राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिरखाल तीन वर्षों से एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहा हैै। कई बार मांग उठाने के बावजूद दूसरे शिक्षक की तैैनात नहीं की गई है। इससे नाराज ग्रामीणों और अभिभावकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया।
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विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनीराम के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि प्राथमिक पाठशाला सिरखाल में वर्तमान में छात्रसंख्या 21 है, जबकि स्कूल में एकमात्र शिक्षक कार्यरत है। पिछले तीन सालों से स्कूल एकमात्र शिक्षक के भरोसे चल रहा है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि डेढ़ माह पहले एक शिक्षिका का स्थानांतरण इस विद्यालय के लिए किया गया था, लेकिन अब तक शिक्षिका ने ज्वाइन नहीं किया है।
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एकमात्र शिक्षक होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बाद अभिभावकों ने डीएम से स्कूल में मानकों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती शीघ्र करने की मांग उठाई। अभिभावकों ने कहा कि यदि शिक्षकों की तैैनाती शीघ्र नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन और डीएम को ज्ञापन सौंपने वालों में एक दर्जन से अधिक अभिभावक शामिल थे।
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राइंका डीडीहाट में शिक्षकों का टोटा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। राइंका डीडीहाट वर्तमान में बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। कहने को तो पिछली सरकार ने विद्यालय को आदर्श घोषित कर दिया, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते बच्चे और अभिभावक परेशान हैं। 2015 तक जहां विद्यालय में छात्र संख्या 350 से अधिक थी। वहीं, यह वर्तमान में घटकर 225 रह गई है। विद्यालय में दो वर्ष से प्रधानाचार्य नहीं हैं। इसके अलावा पिछले दो-तीन सालों में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, वर्षों से इतिहास के प्रवक्ता नहीं हैं। एलटी में विज्ञान, आर्ट और व्यायाम शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय में बड़े बाबू, प्रशासनिक अधिकारी, दफ्तरी के पद भी रिक्त हैं। इस कारण छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस विद्यालय से पूर्व में पढ़ाई कर निकले छात्र बड़े-बड़े पदों पर रहे हैं, लेकिन आज शिक्षा की स्थिति बदहाल हो गई है। खंड शिक्षाधिकारी एलडी कापड़ी का कहना है कि शिक्षा विभाग को हर माह रिक्त पदों की सूची भेजी जाती है।
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