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कनालीछीना, सिंघाली में भी पेयजल संकट
Updated Sun, 27 May 2018 11:17 PM IST
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कनालीछीना/अस्कोट (पिथौरागढ़)। कनालीछीना और सिंघाली में पेयजल संकट पैदा हो गया है। जलस्रोत के डिस्चार्ज में कमी आने से तीन दिन में एक बार ही पानी मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों को दूरदराज से पानी ढोकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
जिले में पेयजल संकट के लिहाज से कनालीछीना सबसे समस्याग्रस्त क्षेत्र है। तापमान बढ़ने और स्रोतों का पानी घटने से कनालीछीना बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहरा गई है। हालात यह है कि क्षेत्रवासियों को तीसरे दिन योजना से पानी मिल पा रहा है। ऐसे में जल संस्थान प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टैंकरों के जरिये वैकल्पिक आपूर्ति कर रहा है। हालांकि मांग को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति नाकाफी रही।
जल संस्थान के पेयजल टैंकरों के साथ ही प्राकृतिक स्रोतों पर दिनभर पानी भरने वालों की कतार लगी रही। ईई विशाल कुुमार ने बताया कि कनालीछीना के प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी बांटा गया। दूसरी ओर सिंघाली में भी जलस्रोत का डिस्चार्ज घटने से पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां भमसत्ता-बस्तड़ी पेयजल योजना का पानी कम होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। क्षेत्रवासियों को योजना से तीसरे दिन पानी मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने जल संस्थान पर प्रभावित योजना और क्षेत्रवासियों की सुध न लेने का आरोप लगाया है।
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जिले में पेयजल संकट के लिहाज से कनालीछीना सबसे समस्याग्रस्त क्षेत्र है। तापमान बढ़ने और स्रोतों का पानी घटने से कनालीछीना बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहरा गई है। हालात यह है कि क्षेत्रवासियों को तीसरे दिन योजना से पानी मिल पा रहा है। ऐसे में जल संस्थान प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टैंकरों के जरिये वैकल्पिक आपूर्ति कर रहा है। हालांकि मांग को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति नाकाफी रही।
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जल संस्थान के पेयजल टैंकरों के साथ ही प्राकृतिक स्रोतों पर दिनभर पानी भरने वालों की कतार लगी रही। ईई विशाल कुुमार ने बताया कि कनालीछीना के प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी बांटा गया। दूसरी ओर सिंघाली में भी जलस्रोत का डिस्चार्ज घटने से पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां भमसत्ता-बस्तड़ी पेयजल योजना का पानी कम होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। क्षेत्रवासियों को योजना से तीसरे दिन पानी मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने जल संस्थान पर प्रभावित योजना और क्षेत्रवासियों की सुध न लेने का आरोप लगाया है।
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