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निजीकरण की कोशिश पर भड़के ऊर्जा कर्मी
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। विद्युत वितरण निगम में निजीकरण की कोशिश पर ऊर्जा कर्मी भड़क उठे हैं। उन्होंने प्रबंधन पर निजीकरण की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही विरोध में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
रविवार को विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने खंड कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई। इसमें कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रबंधन सभी लाइनों और विद्युत गृहों का कामकाज निजी हाथों मेें सौंपने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद निगम का काम ठेकेदारों के हाथों में आ जाएगा। इसकी मार कर्मचारियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगी।
इससे बिजली महंगी हो जाएगी और ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा। इस दौरान ऊर्जा कर्मियों ने प्रदर्शन भी किया। वहां खंडीय अध्यक्ष मनोज पांडे, मनीष पांडे, बहादुर भैंसोड़ा, प्रकाश भट्ट, त्रिलोकी नाथ तिवारी, होशियार मेहता, ज्योति पांडे, मोहन नगरकोटी आदि थे। खंडीय अध्यक्ष ने बताया कि कर्मचारी संगठन दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री ने मुलाकात करेगा और ऊर्जा निगम में निजीकरण की कोशिश को रोकने की मांग की जाएगी।
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रविवार को विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने खंड कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई। इसमें कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रबंधन सभी लाइनों और विद्युत गृहों का कामकाज निजी हाथों मेें सौंपने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद निगम का काम ठेकेदारों के हाथों में आ जाएगा। इसकी मार कर्मचारियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगी।
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इससे बिजली महंगी हो जाएगी और ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा। इस दौरान ऊर्जा कर्मियों ने प्रदर्शन भी किया। वहां खंडीय अध्यक्ष मनोज पांडे, मनीष पांडे, बहादुर भैंसोड़ा, प्रकाश भट्ट, त्रिलोकी नाथ तिवारी, होशियार मेहता, ज्योति पांडे, मोहन नगरकोटी आदि थे। खंडीय अध्यक्ष ने बताया कि कर्मचारी संगठन दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री ने मुलाकात करेगा और ऊर्जा निगम में निजीकरण की कोशिश को रोकने की मांग की जाएगी।
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