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नहर टूटने से 120 हेक्टेअर में नहीं लग पाई रोपाई
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:47 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। भेलियागाड़ स्रोत से बलतिर गांव के लिए बनी सिंचाई नहर एक साल से बंद पड़ी है। इस कारण गांव की 120 हेक्टेयर जमीन पर धान की रोपाई नहीं लग पाई। आक्रोशित किसानों ने रविवार को लघु सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि वह इस बार सिंचाई का कोई कर अदा नहीं करेंगे। अब तक गांव के लोग इसी उम्मीद में थे कि नहर की मरम्मत हो जाएगी और खेतों तक पानी पहुंच जाएगा।
बलतिर के प्रधान महिराज भैंसोड़ा ने कहा कि लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नहर टूटने का मामला क्षेत्र समिति की बैठक में भी उठाया गया। बैठक में स्पष्ट तौर पर लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए थे कि वह नहर की मरम्मत करे। उन्होंने कहा कि रोपाई न लगने से इस बार धान का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा और किसानों को घाटा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब किसान सिंचाई का कोई कर नहीं देंगे।
प्रदर्शन में पूरन भैंसोड़ा, कुंवर सिंह, रेनू भैंसोड़ा, गांगुली देवी, दीवान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, दीपक कुमार, हरीश कुमार, जगदीश कुमार आदि शामिल थे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी का फोन नहीं लगा।
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बलतिर के प्रधान महिराज भैंसोड़ा ने कहा कि लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नहर टूटने का मामला क्षेत्र समिति की बैठक में भी उठाया गया। बैठक में स्पष्ट तौर पर लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए थे कि वह नहर की मरम्मत करे। उन्होंने कहा कि रोपाई न लगने से इस बार धान का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा और किसानों को घाटा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब किसान सिंचाई का कोई कर नहीं देंगे।
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प्रदर्शन में पूरन भैंसोड़ा, कुंवर सिंह, रेनू भैंसोड़ा, गांगुली देवी, दीवान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, दीपक कुमार, हरीश कुमार, जगदीश कुमार आदि शामिल थे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी का फोन नहीं लगा।
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