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किसानों ने राज्य सरकार का पुतला फूंका
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:36 PM IST
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किसानों ने राज्य सरकार का पुतला फूंका
थल (पिथौरागढ़)। बेड़ीनाग के पुरानाथल में कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या के बाद किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों ने थल बाजार में प्रदर्शन किया और राज्य सरकार का पुतला फूंका। कहा कि पहाड़ का किसान ही जब इतना विवश है तो ज्यादा जमीन वाले किसानों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं और हर किसान लगातार तनाव की स्थिति में आता जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश पुनेठा के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि अब सरकार किसानों को धोखा देना बंद करे और उनके सारे कर्ज को माफ करे। पहाड़ के लगभग सभी किसान बैंकों और सहकारी समितियों से कर्ज लेते हैं लेकिन इस बार मौसम की ऐसी मार पड़ी कि किसान ब्याज अदा करने की स्थिति में भी नहीं हैं। किसानों ने सरकार से सवाल किया कि चुनाव से पहले कर्ज माफ करने की घोषणा क्यों की और अब उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। सरकार के मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर गलत बयानबाजी कर किसानों का गुस्सा बढ़ाते जा रहे हैं।
बैंक कर्ज तो देते ही हैं, लेकिन समय पर जमा नहीं किया तो नोटिस जारी कर रहे हैं। यहीं से किसान तनाव में आ रहा है। कर्ज की राशि जमा नहीं हुई तो जेल डालने की धमकी दी जाती है। पुतला दहन के समय दयाकृष्ण भट्ट, जीवन जोशी, किशन सिंह, नारायण राम, खड़क राम, सुरेश भट्ट, हर्षवर्धन पंत, मुख्तार अली, भगत राम, शमशेर खाती, भीम राम, दिनेश पाठक, नवीन जोशी आदि थे।
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थल (पिथौरागढ़)। बेड़ीनाग के पुरानाथल में कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या के बाद किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों ने थल बाजार में प्रदर्शन किया और राज्य सरकार का पुतला फूंका। कहा कि पहाड़ का किसान ही जब इतना विवश है तो ज्यादा जमीन वाले किसानों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं और हर किसान लगातार तनाव की स्थिति में आता जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश पुनेठा के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि अब सरकार किसानों को धोखा देना बंद करे और उनके सारे कर्ज को माफ करे। पहाड़ के लगभग सभी किसान बैंकों और सहकारी समितियों से कर्ज लेते हैं लेकिन इस बार मौसम की ऐसी मार पड़ी कि किसान ब्याज अदा करने की स्थिति में भी नहीं हैं। किसानों ने सरकार से सवाल किया कि चुनाव से पहले कर्ज माफ करने की घोषणा क्यों की और अब उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। सरकार के मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर गलत बयानबाजी कर किसानों का गुस्सा बढ़ाते जा रहे हैं।
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बैंक कर्ज तो देते ही हैं, लेकिन समय पर जमा नहीं किया तो नोटिस जारी कर रहे हैं। यहीं से किसान तनाव में आ रहा है। कर्ज की राशि जमा नहीं हुई तो जेल डालने की धमकी दी जाती है। पुतला दहन के समय दयाकृष्ण भट्ट, जीवन जोशी, किशन सिंह, नारायण राम, खड़क राम, सुरेश भट्ट, हर्षवर्धन पंत, मुख्तार अली, भगत राम, शमशेर खाती, भीम राम, दिनेश पाठक, नवीन जोशी आदि थे।
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