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खतरे में आए सीमांत के 300 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाय
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पिथौरागढ़। धारचूला तहसील के 13 गांवों के 300 से अधिक परिवार आपदा के कारण खतरे की जद में हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से इन परिवारों को बरसात से पहले सुरक्षित स्थानों में बसाने की मांग की है।
धारचूला के पूर्व प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि धारचूला के गर्गुवा, बुंगबुंग, जिप्ती, तांकुल, छलमा छिलांसों, हिमखोला, धारपांगू, सुवा, बरम, कनार, मेतली, जुम्मा और जाराजिबली के तीन सौ से अधिक परिवार आपदा के कारण खतरे में हैं।
तेज बारिश में इन मकानों को खतरा बना रहता है। कहा कि खतरे की जद में आए इन परिवारों की सुरक्षा के लिए अभी कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जबकि बरसात शुरू होने वाली है। यदि बरसात से पहले खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर नहीं बसाया गया तो गंभीर हादसा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र नबियाल, नेत्र सोनाल और गणेश धामी शामिल रहे।
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धारचूला के पूर्व प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि धारचूला के गर्गुवा, बुंगबुंग, जिप्ती, तांकुल, छलमा छिलांसों, हिमखोला, धारपांगू, सुवा, बरम, कनार, मेतली, जुम्मा और जाराजिबली के तीन सौ से अधिक परिवार आपदा के कारण खतरे में हैं।
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तेज बारिश में इन मकानों को खतरा बना रहता है। कहा कि खतरे की जद में आए इन परिवारों की सुरक्षा के लिए अभी कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जबकि बरसात शुरू होने वाली है। यदि बरसात से पहले खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर नहीं बसाया गया तो गंभीर हादसा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र नबियाल, नेत्र सोनाल और गणेश धामी शामिल रहे।
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