{"_id":"5a1af1684f1c1b686a8b5d2d","slug":"21511715176-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था समाप्त करो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था समाप्त करो
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग को लेकर रविवार को मूनाकोट विकासखंड के दूरस्थ सिरकुच गांव में लोगों ने प्रदर्शन किया। सिरकुच का रौबिन किसान क्लब लंबे समय से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर आवाज उठा रहा है।
रौबिन किसान क्लब के अध्यक्ष अनिल चंद ने बताया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में पिछले साल 100 दिन तक धरना दिया गया था। उसके बाद से लगातार गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था से देश में कई प्रकार की विसंगतियां पैदा हो रही हैं। जो लोग आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, उनके मन में भी हीनता का भाव पैदा हो रहा है। यदि इसके बदले आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए तो देश के भीतर असमानता समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 55 वर्ष की जाए, पलायन रोकने के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाए और सरकारी कर्मचारियों तथा नेताओं के बच्चों को अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का आदेश दिया जाए। प्रदर्शन में सूरज बिष्ट, नरेंद्र सिंह, विजय कुमार, धीरज कुमार, पवन कुमार, किशन राम, गौरव कुमार आदि शामिल हुए। एक दिसंबर को रौबिन क्लब इस मुद्दे पर जिला मुख्यालय में भी प्रदर्शन करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रौबिन किसान क्लब के अध्यक्ष अनिल चंद ने बताया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में पिछले साल 100 दिन तक धरना दिया गया था। उसके बाद से लगातार गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था से देश में कई प्रकार की विसंगतियां पैदा हो रही हैं। जो लोग आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, उनके मन में भी हीनता का भाव पैदा हो रहा है। यदि इसके बदले आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए तो देश के भीतर असमानता समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 55 वर्ष की जाए, पलायन रोकने के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाए और सरकारी कर्मचारियों तथा नेताओं के बच्चों को अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का आदेश दिया जाए। प्रदर्शन में सूरज बिष्ट, नरेंद्र सिंह, विजय कुमार, धीरज कुमार, पवन कुमार, किशन राम, गौरव कुमार आदि शामिल हुए। एक दिसंबर को रौबिन क्लब इस मुद्दे पर जिला मुख्यालय में भी प्रदर्शन करेगा।
विज्ञापन