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बांध प्रभावितों के साथ अन्याय हुआ तो विरोध होगा
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:19 PM IST
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पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध विरोधी संघर्ष समिति ने कहा कि यदि डूब क्षेत्र में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो उसका विरोध किया जाएगा। समिति ने पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा जिले के डूब क्षेत्र में आ रहे गांवों में संपर्क अभियान तेज कर दिया है।
समिति की मांग है कि बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) हिंदी में उपलब्ध कराई जाए और मकान, जमीन, गोशाला, बगीचा आदि का मुआवजा सर्किल दाम से आठ गुना अधिक दिया जाए। गांवों की जमीन का सर्किल दाम बहुत कम होता है। इससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
समिति के संरक्षक बसंत भट्ट ने कहा कि बांध परियोजना का सीधे तौर पर कोई विरोध नहीं है, लेकिन मुआवजा और पुनर्वास के मामलों में यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांध की डीपीआर सुनी सुनाई बातों के आधार पर तैयार की है। अधिकांश गांवों तक सर्वे करने वाली टीम पहुंची ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लोग एक मंच पर आकर लड़ेंगे।
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इस मौके पर मान सिंह सामंत, समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह भाट, उपाध्यक्ष कैलाश पालीवाल, गोविंद सामंत, मोहन सिंह मेहता, नर सिंह, कै. गणेश सिंह, दीवान सिंह महर आदि थे। यह संघर्ष समिति शर्तों के साथ बांध का समर्थन कर रही है।
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समिति की मांग है कि बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) हिंदी में उपलब्ध कराई जाए और मकान, जमीन, गोशाला, बगीचा आदि का मुआवजा सर्किल दाम से आठ गुना अधिक दिया जाए। गांवों की जमीन का सर्किल दाम बहुत कम होता है। इससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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समिति के संरक्षक बसंत भट्ट ने कहा कि बांध परियोजना का सीधे तौर पर कोई विरोध नहीं है, लेकिन मुआवजा और पुनर्वास के मामलों में यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांध की डीपीआर सुनी सुनाई बातों के आधार पर तैयार की है। अधिकांश गांवों तक सर्वे करने वाली टीम पहुंची ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लोग एक मंच पर आकर लड़ेंगे।
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इस मौके पर मान सिंह सामंत, समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह भाट, उपाध्यक्ष कैलाश पालीवाल, गोविंद सामंत, मोहन सिंह मेहता, नर सिंह, कै. गणेश सिंह, दीवान सिंह महर आदि थे। यह संघर्ष समिति शर्तों के साथ बांध का समर्थन कर रही है।