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फील्ड फायरिंग रेंज की अवधि पांच साल और बढ़ी
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:43 PM IST
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फील्ड फायरिंग रेंज की अवधि पांच साल और बढ़ी
पिथौरागढ़। प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पाल ने पिथौरागढ़ जिले के कई गांवों में सेना द्वारा किए जाने वाले युद्धाभ्यास, खुले क्षेत्र में गोला, तोप दागने की अवधि 31 जनवरी 2022 तक बढ़ा दी है। सेना की फील्ड फायरिंग के लिए हर पांच साल में अनुमति लेनी पड़ती है। जिले के गैना, बगरतोली, बसौड़, छोली, सरमोला, विसखोली, बलतड़ी, मनानीगाड़, जाथल, मूनाकोट आदि स्थानों पर सेना की नियमित फायरिंग होती है। डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इनमें फायरिंग के लिए अगले पांच साल तक की अनुमति बढ़ा दी गई है।
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पिथौरागढ़। प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पाल ने पिथौरागढ़ जिले के कई गांवों में सेना द्वारा किए जाने वाले युद्धाभ्यास, खुले क्षेत्र में गोला, तोप दागने की अवधि 31 जनवरी 2022 तक बढ़ा दी है। सेना की फील्ड फायरिंग के लिए हर पांच साल में अनुमति लेनी पड़ती है। जिले के गैना, बगरतोली, बसौड़, छोली, सरमोला, विसखोली, बलतड़ी, मनानीगाड़, जाथल, मूनाकोट आदि स्थानों पर सेना की नियमित फायरिंग होती है। डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इनमें फायरिंग के लिए अगले पांच साल तक की अनुमति बढ़ा दी गई है।