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दौबांस जीआईसी में शिक्षकों के नौ पद रिक्त
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:36 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। दो दर्जन से अधिक गांवों के बच्चों को शिक्षा देने वाले राजकीय इंटर कॉलेज दौबांस में शिक्षकों की कमी है। इस कारण नौ वर्षों में छात्र संख्या बहुत कम हो गई है। विद्यालय भवन के जर्जर हाल में होने से छात्रों को सीलनयुक्त कमरों और टपकती छतों के नीचे पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मूनाकोट विकासखंड के जीआईसी दौबांस का 2005 में उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट किया गया। 2009 में विद्यालय की छात्र संख्या 276 थी। इस वर्ष जुलाई में हुए प्रवेश में छात्र संख्या मात्र 173 रह गई है। शिक्षकों के नौ पद रिक्त होने से क्षेत्र के गांवों से तेजी से पलायन हो रहा है। विद्यालय को पानी की सप्लाई देने वाले कनेक्शन के टूटने पर महीनों तक पानी नहीं आता। विज्ञान विषय में नौ पद स्वीकृत होने के बावजूद भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी के पद खाली है।
राजनीतिशास्त्र का पद स्वीकृत तो है, लेकिन शिक्षक न होने से हाईस्कूल के शिक्षक पढ़ाते हैं। एलटी में हिंदी, संस्कृत सहित कला का पद रिक्त है। क्षेत्र के चौपाता, वथोली, डौड़ा, वारमो, मुनावे, धुर्चू, धौलकांडा, असुरदेव, बंदा, कुलकटिया, धामीगौणा, बांस, मनकटिया सहित दो दर्जन से अधिक नदी घाटी के गांवों को शिक्षा देने वाले एकमात्र इंटर कॅालेज में स्वच्छक भी नहीं है। छात्र ही शौचालयों की सफाई करते हैं। विद्यालय में चौकीदार के चार पद स्वीकृत होने के बावजूद एक ही कर्मचारी है। स्कूल भवन में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण कुछ महीने पहले फाइबर के चार कमरे बनाए गए हैं।
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मूनाकोट विकासखंड के जीआईसी दौबांस का 2005 में उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट किया गया। 2009 में विद्यालय की छात्र संख्या 276 थी। इस वर्ष जुलाई में हुए प्रवेश में छात्र संख्या मात्र 173 रह गई है। शिक्षकों के नौ पद रिक्त होने से क्षेत्र के गांवों से तेजी से पलायन हो रहा है। विद्यालय को पानी की सप्लाई देने वाले कनेक्शन के टूटने पर महीनों तक पानी नहीं आता। विज्ञान विषय में नौ पद स्वीकृत होने के बावजूद भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी के पद खाली है।
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राजनीतिशास्त्र का पद स्वीकृत तो है, लेकिन शिक्षक न होने से हाईस्कूल के शिक्षक पढ़ाते हैं। एलटी में हिंदी, संस्कृत सहित कला का पद रिक्त है। क्षेत्र के चौपाता, वथोली, डौड़ा, वारमो, मुनावे, धुर्चू, धौलकांडा, असुरदेव, बंदा, कुलकटिया, धामीगौणा, बांस, मनकटिया सहित दो दर्जन से अधिक नदी घाटी के गांवों को शिक्षा देने वाले एकमात्र इंटर कॅालेज में स्वच्छक भी नहीं है। छात्र ही शौचालयों की सफाई करते हैं। विद्यालय में चौकीदार के चार पद स्वीकृत होने के बावजूद एक ही कर्मचारी है। स्कूल भवन में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण कुछ महीने पहले फाइबर के चार कमरे बनाए गए हैं।
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