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Pithoragarh News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

Thu, 17 Aug 2023 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 17 Aug 2023 10:40 PM IST
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20 years rigorous imprisonment for raping a minor
पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी धारचूला निवासी जगदीश राम को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 80000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामले के अनुसार धारचूला के रांथी गांव निवासी जगदीश राम 21 फरवरी 2020 को 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग को शिवरात्रि के मेले से बहला फुसलाकर पिथौरागढ़ लाया। वहां किसी के कमरे में रखकर उसके उसके साथ यौन संबंध बनाए। 22 फरवरी को जगदीश राम उसे पिथौरागढ़ से हल्द्वानी ले गया। वहां पर रहने की व्यवस्था नहीं होने पर उसे हरिद्वार ले गया। हरिद्वार में भी उसने उसके साथ यौन संबंध बनाए। रुपये समाप्त हो गए तो वह नाबालिग को लेकर धारचूला आ गया।
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परिजनों की रिपोर्ट पर 29 फरवरी 2020 को पुलिस ने नाबालिग के साथ जगदीश राम को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धारचूला थाने में आईपीसी की धारा 363, 366ए, 376(2)(आई) (एन) (3) और पॉक्सो अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला।
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जुर्माने की राशि में से 60,000 रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे

यदि गदीश राम अर्थदंड की धनराशि जमा करता है तो उसमें से 60,000 रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। विशेष सत्र न्यायाधीश ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत पीड़िता को राज्य सरकार से अतिरिक्त प्रतिकर दिलाए जाने के लिए भी निर्देश जारी किए। मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।



इन धाराओं में सुनाई गई जगदीश राम को सजा

- विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो शंकर राज ने जगदीश राम को आईपीसी की धारा 363 के अपराध के लिए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।




- धारा 366ए के तहत उसे 10 वर्ष के कारावास और 20,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

- 376(2) (आई) (एन) (3) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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