इंतजार खत्म: चीन ने दी अनुमति...17 व्यापारी तकलाकोट रवाना, 20 कारोबारियों को मिलेगा सामान
चीन प्रशासन ने ई-मेल भेजकर भारतीय व्यापारियों के दूसरे दल को सामान के साथ तकलाकोट पहुंचने की अनुमति दे दी है। इससे व्यापारियों में उत्साह लौट आया है। अनुमति मिलते ही नौ व्यापारी और आठ सहायक गुंजी में डंप सामान लेकर तकलाकोट के लिए रवाना हो गए।
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आखिरकार चीन ने संदेश भेजकर भारतीय व्यापारियों के दूसरे दल को सामान के साथ तकलाकोट पहुंचने की अनुमति दी है। चीन प्रशासन ने ई-मेल भेजकर व्यापारियों को सामान के साथ आने को कहा है इससे उनमें उत्साह लौट आया है। दूसरे ही दिन नौ व्यापारी और आठ सहायक गुंजी में डंप सामान लेकर तकलाकोट रवाना हुए हैं। राहत की बात यह है कि ये व्यापारी तकलाकोट मंडी में एक महीने से दुकान लेकर इंतजार कर रहे व्यापारियों का सामान भी अपने साथ ले जाएंगे। वहां के व्यापारियों को सामान मिलेगा और वे व्यापार कर सकेंगे।
छह साल बाद शुरू हुए भारत-चीन व्यापार के लिए 68 व्यापारियों ने ट्रेड पास बनाए हैं। चीन ने व्यापार के शुरुआती दौर में उन्हीं व्यापारियों को तकलाकोट आने की अनुमति दी जिनका पूर्व से ही मंडी में सामान पड़ा था। ऐसे में सिर्फ 20 व्यापारी ही बीते एक अगस्त को तकलाकोट जा सके।
व्यापारियों ने वहां जाकर देखा तो मंडी में वर्षों से पड़ा सामान खराब मिला जो व्यापार करने योग्य नहीं था। ऐसे में इन व्यापारियों का व्यापार शुरू नहीं हो सका और वे सामान लाने की अनुमति मिलने की राह देख रहे थे।
चीन ने व्यापारियों की परेशानी को अनदेखा कर भारतीय प्रशासन के लगातार ई-मेल भेजने के बाद भी अनुमति नहीं दी। ऐसे में तकलाकोट पहुंचे व्यापारियों को मंडी में खाली हाथ तो भारत में अनुमति का इंतजार कर रहे व्यापारियों को निराश होकर बैठना पड़ा।
भारतीय प्रशासन की लगातार कोशिश के बाद आखिरकार बीते रविवार देर शाम चीन ने भारतीय व्यापारियों को सामान के साथ तकलाकोट आने की अनुमति दी। इंतजार खत्म हुआ तो नौ व्यापारी और आठ सहायक 19 लाख रुपये का सामान लेकर दूसरे ही दिन सोमवार को तकलाकोट रवाना हुए हैं। वह अपने साथ मंडी में खाली हाथ बैठे व्यापारियों का सामान लेकर गए हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार रफ्तार पकड़ेगा और भारतीय व्यापारियों को राहत मिलेगी।
अब भी छूट गए 31 व्यापारी
इस बार भारत-चीन व्यापार के लिए 68 व्यापारियों ने ट्रेड पास हासिल किए थे। पहले दल में सिर्फ 20 व्यापारी तकलाकोट जा सके। चीन की तरफ से बमुश्किल आए संदेश में भी दूसरे दल को भेजने के लिए सिर्फ एक दिन का समय दिया गया। ऐसे में धारचूला में मौजूद 17 व्यापारी ही दूसरे फेरे में तकलाकोट जा सके हैं। अन्य 31 व्यापारी धारचूला से बाहर होने से समय रहते तकलाकोट रवाना होने से चूक गए इससे उनमें निराशा है।
मंडी से बाहर जाने की नहीं है अनुमति
जानकारी के मुताबिक, पूर्व तक भारत से गए व्यापारी व्यापार के साथ मंडी से बाहर आसानी से घूम सकते थे। इस बार चीन ने इस पर सख्ती अपनाई है। इस बार भारतीय व्यापारियों को मंडी से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में व्यापारियों को व्यापार खत्म होने तक मंडी की चहारदीवारी के भीतर ही रहना होगा।
चीन ने व्यापारियों के दूसरे दल को तकलाकोट भेजने की अनुमति दी है। 17 व्यापारी सामान लेकर तकलाकोट रवाना हुए हैं। वे पहले दल के व्यापारियों का भी सामान लेकर गए हैं जो राहत की बात है। -आशीष जोशी, एसडीएम और ट्रेड अधिकारी, धारचूला