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पिछले वर्षों की अपेक्षा तीन डिग्री तक कम हुआ तापमान
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हिमवीरों का कहना है कि ऐसी चुभन भरी ठंड का सामना वह पहली बार कर रहे हैं। कालापानी में तापमान अभी से माइनस 12 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले वर्षों तक यहां 15 जनवरी के आसपास माइनस 9 डिग्री तक तापमान रहता था। पानी भी पाइपों में पूरी तरह जमा हो गया है। दिन में जमीन से पाइप निकालकर उसे धूप में सुखाया जा रहा है। इसके बाद ही पानी मिल पा रहा है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि निचले क्षेत्रों में अभी बर्फ पिघल गई है। बावजूद इसके क्षेत्र में ठंड का जबर्दस्त प्रकोप है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाभीढांग से लिपुपास के बीच ही करीब दो फुट तक बर्फ जमी है। आईटीबीपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात का तापमान नाभीढांग में -16, कालापानी में -12, कुटी में -11, गुंजी में -8 तक पहुंच रहा है। हिमवीरों का कहना है कि पिछले तीन-चार वर्षों में पहली बार ही ऐसी ठंड पड़ी है।
आईटीबीपी सूत्रों के अनुसार कालापानी में 15 जनवरी के आसपास -9 डिग्री तक ही न्यूनतम तापमान जाता था जो इस बार तीन डिग्री अधिक है। कड़ाके की ठंड पड़ने से हिमवीरों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में गश्त करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि निचले क्षेत्रों में अभी बर्फ पिघल गई है। बावजूद इसके क्षेत्र में ठंड का जबर्दस्त प्रकोप है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाभीढांग से लिपुपास के बीच ही करीब दो फुट तक बर्फ जमी है। आईटीबीपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात का तापमान नाभीढांग में -16, कालापानी में -12, कुटी में -11, गुंजी में -8 तक पहुंच रहा है। हिमवीरों का कहना है कि पिछले तीन-चार वर्षों में पहली बार ही ऐसी ठंड पड़ी है।
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आईटीबीपी सूत्रों के अनुसार कालापानी में 15 जनवरी के आसपास -9 डिग्री तक ही न्यूनतम तापमान जाता था जो इस बार तीन डिग्री अधिक है। कड़ाके की ठंड पड़ने से हिमवीरों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में गश्त करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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