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बर्फीले तूफान की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत

Tue, 08 May 2018 10:48 PM IST
Updated Tue, 08 May 2018 10:48 PM IST
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बर्फीले तूफान की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत
मदकोट/मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फीले तूफान की चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। ग्रामीण माइग्रेशन गांव गोल्फा की वन पंचायत जिब्बा में कीड़ा जड़ी दोहन के लिए गया था और रविवार को बर्फीले तूफान की चपेट में आकर उसकी तबीयत बिगड़ गई। मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र से नीचे लाते वक्त उसने दम तोड़ दिया।
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तहसील बंगापानी के माइग्रेशन गांव गोल्फा निवासी आनंद सिंह (40) पुत्र चंदन सिंह 2 मई को पत्नी जमंती देवी और अन्य ग्रामीणों के साथ उच्च हिमालयी क्षेत्र की वन पंचायत जिब्बा में कीड़ा जड़ी दोहन के लिए गया था। 6 मई (रविवार) की शाम जिब्बा ग्लेशियर में बर्फीला तूफान आ गया। इसकी चपेट में आकर आनंद की तबीयत बिगड़ गई। ग्रामीण आनंद को जिब्बा वन पंचायत लेकर पहुंचे।
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मौसम खराब होने की वजह से उन्हें रात भर जिब्बा में ही रुकना पड़ा। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने लकड़ी का स्ट्रेचर बनाया और आनंद को लेकर गोल्फा के लिए रवाना हुए। विकट भौगोलिक परिस्थिति और दूरी की वजह से जिब्बा से गोल्फा आने में शाम हो गई। इस बीच आनंद की तबीयत और बिगड़ गई।
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मंगलवार सुबह ग्रामीण आनंद को लेकर बगीचा बगड़ मार्ग पहुंचे। इसके बाद जिला अस्पताल की ओर रवाना हुए लेकिन आनंद ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची मदकोट पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। इसके बाद सेराघाट में जिला अस्पताल के चिकित्सक एवं टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया और परिजनों को सौंप दिया। चौकी प्रभारी प्रियांशु जोशी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत की वजह पुष्ट होगी। आनंद अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था।

परिवार की आजीविका कीड़ा जड़ी दोहन और खेतीबाड़ी से चलती है। आनंद की 11 साल की बेटी और नौ साल का बेटा है। दोनों बच्चे पिथौरागढ़ में दादी के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। आनंद की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। पत्नी सदमे की हालत में है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, ग्रामीणों ने प्राकृतिक आपदा को हादसे की वजह बताते हुए मुआवजे की मांग की है।


उच्च हिमालयी क्षेत्र में बिगड़े हालात
पिछले कुछ दिनों से मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र में हालत बिगड़े हैं। दोहन के लिए गए ग्रामीणों ने बताया कि जिब्बा ग्लेशियर में तीन दिन से बर्फीली आंधी चल रही है। इस बीच मौसम विभाग ने दो दिन प्रतिकूल हालात की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कीड़ाजड़ी दोहन का सीजन शुरू हो चुका है। इस वक्त जिब्बा ग्लेशियर के आसपास सौ से सवा सौ ग्रामीण कीड़ाजड़ी दोहन के काम में जुटे हैं। ऐसे में ग्लेशियर में दोहन कर रहे ग्रामीणों के लिए भी खतरा बना है। एसडीएम केएन गोस्वामी का कहना है कि उच्च हिमालयी क्षेत्र के हालातों पर नजर रखी जा रही है। दोहन के लिए गए ग्रामीणों को मौसम ठीक होने तक सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा गया है।
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