{"_id":"5a6cb2dd4f1c1b84268b6b57","slug":"181517073117-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम, लीची के पेड़ों में समय से पहले आया बौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आम, लीची के पेड़ों में समय से पहले आया बौर
Updated Sat, 27 Jan 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्कोट (पिथौरागढ़)। जलवायु परिवर्तन फलों के पैदा होने के समय पर असर डालने लगा है। अनार के बाद अब आम और लीची के पेड़ों में भी समय से बौर आ गए हैं। इससे लोग आश्चर्य में हैं।
अस्कोट के खोलियागांव में तनुज पाल के लीची के पेड़ में बौर आ गए है। अमूमन लीची में अप्रैल, मई में बौर आते हैं। तनुज ने बताया कि जनवरी की शुरुआत में ही लीची के पेड़ों में बौर आने लगे थे। खोलियागांव के ही राम सिंह के आम के पेड़ोें में भी बौर आ गए हैं। राम सिंह ने बताया कि आम में मार्च, अप्रैल में बौर आते हैं। इस बार समय से पहले बौर आ गए हैं। राम सिंह कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण फल चक्र में भी बदलाव आ रहा है।
इससे पहले अस्कोट क्षेत्र में ही अनार के पेड़ों में समय से पहले फल लगने का मामला सामने आया था। उधर, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी का कहना है कि इस बार ठंड ज्यादा नहीं पड़ी। गर्मी के कारण समय से पहले बौर आ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण समय से पहले आम और लीची में बौर आ गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्कोट के खोलियागांव में तनुज पाल के लीची के पेड़ में बौर आ गए है। अमूमन लीची में अप्रैल, मई में बौर आते हैं। तनुज ने बताया कि जनवरी की शुरुआत में ही लीची के पेड़ों में बौर आने लगे थे। खोलियागांव के ही राम सिंह के आम के पेड़ोें में भी बौर आ गए हैं। राम सिंह ने बताया कि आम में मार्च, अप्रैल में बौर आते हैं। इस बार समय से पहले बौर आ गए हैं। राम सिंह कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण फल चक्र में भी बदलाव आ रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले अस्कोट क्षेत्र में ही अनार के पेड़ों में समय से पहले फल लगने का मामला सामने आया था। उधर, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी का कहना है कि इस बार ठंड ज्यादा नहीं पड़ी। गर्मी के कारण समय से पहले बौर आ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण समय से पहले आम और लीची में बौर आ गए हैं।
विज्ञापन