{"_id":"5cb4c51dbdec22145b20fcfb","slug":"171555350813-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गो घाटीबगड़ के ग्रामीणों ने श्रमदान से पहुंचाया पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गो घाटीबगड़ के ग्रामीणों ने श्रमदान से पहुंचाया पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला। ग्राम पंचायत गो घाटीबगड़ के 200 परिवार पिछले 12 दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे थे। रविवार को गांव के लोगों ने श्रमदान करके पानी की आपूर्ति सुचारु की।
ग्राम प्रधान सरिता देवी ने बताया कि गांव में पानी की दो योजनाएं हैं। एक योजना ठप पड़ी है, जबकि दूसरी योजना में बहुत कम पानी आ रहा था। योजना में सुधार के लिए पेयजल विभाग या प्रशासन का मुंह ताकने के बजाय ग्रामीणों ने श्रमदान से योजना सुचारु करने का निर्णय लिया।
चार किमी लंबी यह पेयजल योजना कई स्थानों पर टूटी हुई थी। ग्राम प्रधान ने बताया कि योजना के लिए उन्होंने नौ पाइप की व्यवस्था की। इस श्रमदान में धीरा ग्वाल, इंद्र ग्वाल, पूरन ग्वाल, रतन सिंह, दान सिंह ग्वाल, अनु ग्वाल और चंद्र ग्वाल ने सहयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम प्रधान सरिता देवी ने बताया कि गांव में पानी की दो योजनाएं हैं। एक योजना ठप पड़ी है, जबकि दूसरी योजना में बहुत कम पानी आ रहा था। योजना में सुधार के लिए पेयजल विभाग या प्रशासन का मुंह ताकने के बजाय ग्रामीणों ने श्रमदान से योजना सुचारु करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
चार किमी लंबी यह पेयजल योजना कई स्थानों पर टूटी हुई थी। ग्राम प्रधान ने बताया कि योजना के लिए उन्होंने नौ पाइप की व्यवस्था की। इस श्रमदान में धीरा ग्वाल, इंद्र ग्वाल, पूरन ग्वाल, रतन सिंह, दान सिंह ग्वाल, अनु ग्वाल और चंद्र ग्वाल ने सहयोग किया।
विज्ञापन