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चामाचौड़ की रामलीला में कुंभकरण का हुआ वध
Updated Sun, 09 Dec 2018 10:12 PM IST
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पिथौरागढ़। चामाचौड़ की रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध की लीला हुई। रामलीला की शुरुआत सेतु बंधन, रावण-अंगद संवाद से हुई। इसके पश्चात मेघनाद युद्ध के मैदान में आता है। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध होता है। मेघनाद लक्ष्मण पर प्राणघातिनी शक्ति का प्रयोग करता है। लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं।
हनुमान द्रोणांचल पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करते हैं। लक्ष्मण के मूर्छा से जागने का समाचार सुनकर रावण अपने भाई कुंभकरण को जगाता है। कुंभकरण और भगवान राम का भीषण युद्ध होता है। भगवान राम के हाथों कुंभकरण मारा जाता है। रामलीला कमेटी के वक्ता मैनेजर लक्ष्मण सिंह रावल रामायण के वृत्तांत लोगों को बता रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद भारी संख्या में लोग रामलीला देखने आ रहे हैं।
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हनुमान द्रोणांचल पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करते हैं। लक्ष्मण के मूर्छा से जागने का समाचार सुनकर रावण अपने भाई कुंभकरण को जगाता है। कुंभकरण और भगवान राम का भीषण युद्ध होता है। भगवान राम के हाथों कुंभकरण मारा जाता है। रामलीला कमेटी के वक्ता मैनेजर लक्ष्मण सिंह रावल रामायण के वृत्तांत लोगों को बता रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद भारी संख्या में लोग रामलीला देखने आ रहे हैं।
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