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बरामदे में पढ़ रहे पांच कक्षाओं के बच्चे
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:12 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बलतिर का भवन जर्जर हाल हो गया है। छत का लिंटर टपक रहा है। इसके चलते पांचों कक्षाओं के बच्चों को बरामदे में एक साथ बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
बलतिर का प्राथमिक स्कूल भवन ध्वस्त होने की कगार पर है। छत के क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी कक्षों में घुस रहा है। सरिया में जंग लगने से जगह-जगह पपड़ी निकल गई है। तीनों कमरों में सीलन एवं पानी जमा होने से कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं को बरामदे पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों के साथ ही शिक्षकों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 29 बच्चे पढ़ते हैं।
प्रधानाध्यापक गंगा चुफाल ने बताया कि जर्जर हो चुके भवन के सुधार को लेकर प्रस्ताव बनाकर कई बार उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन सिंह भैसोड़ा ने बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित छत नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से भवन की मरम्मत के लिए विभाग को धन उपलब्ध करने की मांग की है।
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बलतिर का प्राथमिक स्कूल भवन ध्वस्त होने की कगार पर है। छत के क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी कक्षों में घुस रहा है। सरिया में जंग लगने से जगह-जगह पपड़ी निकल गई है। तीनों कमरों में सीलन एवं पानी जमा होने से कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं को बरामदे पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों के साथ ही शिक्षकों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 29 बच्चे पढ़ते हैं।
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प्रधानाध्यापक गंगा चुफाल ने बताया कि जर्जर हो चुके भवन के सुधार को लेकर प्रस्ताव बनाकर कई बार उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन सिंह भैसोड़ा ने बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित छत नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से भवन की मरम्मत के लिए विभाग को धन उपलब्ध करने की मांग की है।
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