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गौरेया बचाने को आगे आए लोग
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:17 PM IST
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पिथौरागढ़। विश्व गौरेया दिवस पर शंखनाद जनचेतना मंच संरक्षण के लिए आगे आया है। संस्था गौरेया के संरक्षण के लिए आवास और भोजन का बंदोबस्त करेगी। साथ ही आमजन को इसके प्रति जागरूक भी करेगी।
मंगलवार को विश्व गौरेया दिवस पर संस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं ने संरक्षण का संकल्प लिया। तय किया कि गौरेया के संरक्षण के लिए घरों, प्रतिष्ठानों में आवास और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। संस्था के कार्यकर्ता खुद अपने घर और प्रतिष्ठान से इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद आमजन को जागरूक करने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले एक गोष्ठी में मंच के निदेशक ललित शौर्य ने पक्षी की घटती संख्या पर चिंता जताई।
कहा कि शहरीकरण के साथ ही परिंदों के घोंसले उजड़ रहे हैं। प्राकृतिक आवास में कमी आई है। कंक्रीट के घरों से गौरेया दूरी बना रही है। पर्यावरण के लिए खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल से प्रजाति पर लुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ सकता है। इस अवसर पर कार्यकर्ता रोहित जोशी ने संरक्षण की मुहिम चलाने पर जोर दिया। इस दौरान त्रिलोक जोशी, आयुश लोहनी, दुर्गा धामी, विपिन सिंह, कमल महर, गौरव भट्ट आदि थे।
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मंगलवार को विश्व गौरेया दिवस पर संस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं ने संरक्षण का संकल्प लिया। तय किया कि गौरेया के संरक्षण के लिए घरों, प्रतिष्ठानों में आवास और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। संस्था के कार्यकर्ता खुद अपने घर और प्रतिष्ठान से इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद आमजन को जागरूक करने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले एक गोष्ठी में मंच के निदेशक ललित शौर्य ने पक्षी की घटती संख्या पर चिंता जताई।
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कहा कि शहरीकरण के साथ ही परिंदों के घोंसले उजड़ रहे हैं। प्राकृतिक आवास में कमी आई है। कंक्रीट के घरों से गौरेया दूरी बना रही है। पर्यावरण के लिए खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल से प्रजाति पर लुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ सकता है। इस अवसर पर कार्यकर्ता रोहित जोशी ने संरक्षण की मुहिम चलाने पर जोर दिया। इस दौरान त्रिलोक जोशी, आयुश लोहनी, दुर्गा धामी, विपिन सिंह, कमल महर, गौरव भट्ट आदि थे।
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