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चुनाव का शोर थमा, अब घर-घर संपर्क शुरू
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:55 PM IST
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पिथौरागढ़। निकाय चुनाव-2018 का प्रचार अभियान शुक्रवार शाम पांच बजे थम गया है। अब प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर जनसंपर्क शुरू कर दिया है। उधर, 20-21 दिन के चुनाव प्रचार के दौरान पिथौरागढ़ नगरपालिका में पेयजल किल्लत, हवाई सेवा शुरू न होने का मुद्दा छाया रहा।
पालिकाध्यक्ष पद के आठों प्रत्याशियों ने शुक्रवार को भी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क साधा। नुक्कड़ सभाओं के जरिये विपक्षियों पर निशाना साधा। पेयजल संकटग्रस्त 65 हजार आबादी वाले पिथौरागढ़ शहर में इस बार पेयजल किल्लत का मुद्दा लोगों की जुबां पर छाया रहा। 79 करोड़ की लागत से बनी 12 एमएलडी की आंवलाघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी जल संकट को लेकर सवाल खड़े किए गए।
फरवरी में दूषित पानी आपूर्ति का मामला सोशल मीडिया में छाया रहा। चुनाव प्रचार के दौरान नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान शुरू न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री के ट्रायल लैंडिंग वाले बयान ने इस मुद्दे को अधिक हवा दी। महंगाई के मुद्दे को विपक्षी दलों ने जनता तक पहुंचाने की कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान खूब वार-पलटवार हुए। सभी प्रत्याशी जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को पूरे दिन प्रत्याशियों के समर्थन में लाउड स्पीकर के माध्यम से जमकर प्रचार किया गया। अलबत्ता चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की ओर से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी एक भी मामला सामने नहीं आया।
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पालिकाध्यक्ष पद के आठों प्रत्याशियों ने शुक्रवार को भी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क साधा। नुक्कड़ सभाओं के जरिये विपक्षियों पर निशाना साधा। पेयजल संकटग्रस्त 65 हजार आबादी वाले पिथौरागढ़ शहर में इस बार पेयजल किल्लत का मुद्दा लोगों की जुबां पर छाया रहा। 79 करोड़ की लागत से बनी 12 एमएलडी की आंवलाघाट पेयजल योजना बनने के बाद भी जल संकट को लेकर सवाल खड़े किए गए।
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फरवरी में दूषित पानी आपूर्ति का मामला सोशल मीडिया में छाया रहा। चुनाव प्रचार के दौरान नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान शुरू न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री के ट्रायल लैंडिंग वाले बयान ने इस मुद्दे को अधिक हवा दी। महंगाई के मुद्दे को विपक्षी दलों ने जनता तक पहुंचाने की कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान खूब वार-पलटवार हुए। सभी प्रत्याशी जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को पूरे दिन प्रत्याशियों के समर्थन में लाउड स्पीकर के माध्यम से जमकर प्रचार किया गया। अलबत्ता चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की ओर से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी एक भी मामला सामने नहीं आया।
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