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एनएमसी बिल के विरोध में बंद रहे निजी क्लीनिक
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में शनिवार को नगर के सभी निजी क्लीनिक बंद रहे। हड़ताल के कारण दूर से आए मरीजों ने जिला अस्पताल का रुख किया।
सरकार द्वारा एनएमसी बिल के विरोध में आईएमए द्वारा भारत बंद के बाद नगर के सभी अस्पताल पूर्णतया बंद रहे। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं को बंद नहीं किया गया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद और सचिव डॉ.जगदीश गड़कोटी ने बताया हड़ताल के बाद सरकार को इस बिल में सुधार करना चाहिए।
इस बिल के लागू होने के बाद निजी क्लीनिक आसानी से खुलने लगेंगे। गरीब की शिक्षा कठिन हो जाएगी। सेवाएं महंगी, गुणवत्ता कम और ब्रिजकोर्स से डॉक्टर तैयार होंगे। बाद में जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन देने वालों में डॉ. पीएस बसेड़ा, डॉ.मयंक बिष्ट, डॉ.जीके शर्मा, डॉ.अनूप सिंह, डॉ.हरेंद्र सिंह, डॉ.एके पुनेठा, डॉ.आरके खर्कवाल थे।
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सरकार द्वारा एनएमसी बिल के विरोध में आईएमए द्वारा भारत बंद के बाद नगर के सभी अस्पताल पूर्णतया बंद रहे। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं को बंद नहीं किया गया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद और सचिव डॉ.जगदीश गड़कोटी ने बताया हड़ताल के बाद सरकार को इस बिल में सुधार करना चाहिए।
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इस बिल के लागू होने के बाद निजी क्लीनिक आसानी से खुलने लगेंगे। गरीब की शिक्षा कठिन हो जाएगी। सेवाएं महंगी, गुणवत्ता कम और ब्रिजकोर्स से डॉक्टर तैयार होंगे। बाद में जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन देने वालों में डॉ. पीएस बसेड़ा, डॉ.मयंक बिष्ट, डॉ.जीके शर्मा, डॉ.अनूप सिंह, डॉ.हरेंद्र सिंह, डॉ.एके पुनेठा, डॉ.आरके खर्कवाल थे।
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