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सड़क से वंचित तड़ीगांव के ग्रामीणों का प्रदर्शन
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:33 PM IST
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा पर बसे तड़ीगांव के ग्रामीणों में सड़क सुविधा न होने से आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर लोनिवि कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने जन प्रतिनिधियों पर कोरे आश्वासन देने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि गांव तक सड़क शीघ्र नहीं बनाई गई तो वह आंदोलन करेंगे।
तड़ीगांव के दर्जनों ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर सोमवार को लोनिवि कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने सड़क पर ही विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण भूपेंद्र चंद ने बताया कि सौनपट्टी क्षेत्र के तड़ीगांव ग्रामसभा के लिए 1999 में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत सड़क स्वीकृत हुई थी। 2007 में सड़क के लिए टेंडर हो गए थे। तड़ीगांव के तोक आंबेडकर तक सात किमी सड़क बनाई जानी थी।
उन्होंने बताया कि आंबेडकर गांव तक सड़क नहीं ले जाकर उसे घुमाकर ले जाया जा रहा है। कहा कि सड़क से वंचित होने के चलते कोठरी से 27, तड़ीगांव से 32, पीपलतड़ से 12, टाकुला से नौ, जायल से 20 और आंबेडकर गांव से 15 परिवार पलायन कर चुके हैं। कहा कि कई बार लोनिवि अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें टहलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत से भी मिल चुके हैं, लेकिन वहां से भी महज आश्वासन ही मिला।
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प्रदर्शन करने वालों में रोशन चंद, भूपेंद्र चंद, मानिक चंद, माधव दत्त, होशियार राम, नरेश भट्ट, भरत चंद, राजेंद्र सिंह, मोहन चंद, इंदर चंद, देवराम, नगेंद्र भट्ट समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
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तड़ीगांव के दर्जनों ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर सोमवार को लोनिवि कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने सड़क पर ही विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण भूपेंद्र चंद ने बताया कि सौनपट्टी क्षेत्र के तड़ीगांव ग्रामसभा के लिए 1999 में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत सड़क स्वीकृत हुई थी। 2007 में सड़क के लिए टेंडर हो गए थे। तड़ीगांव के तोक आंबेडकर तक सात किमी सड़क बनाई जानी थी।
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उन्होंने बताया कि आंबेडकर गांव तक सड़क नहीं ले जाकर उसे घुमाकर ले जाया जा रहा है। कहा कि सड़क से वंचित होने के चलते कोठरी से 27, तड़ीगांव से 32, पीपलतड़ से 12, टाकुला से नौ, जायल से 20 और आंबेडकर गांव से 15 परिवार पलायन कर चुके हैं। कहा कि कई बार लोनिवि अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें टहलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत से भी मिल चुके हैं, लेकिन वहां से भी महज आश्वासन ही मिला।
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प्रदर्शन करने वालों में रोशन चंद, भूपेंद्र चंद, मानिक चंद, माधव दत्त, होशियार राम, नरेश भट्ट, भरत चंद, राजेंद्र सिंह, मोहन चंद, इंदर चंद, देवराम, नगेंद्र भट्ट समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।