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पैदल रास्ते की मरम्मत में जुटे गांव वाले
Updated Tue, 09 Jan 2018 09:53 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। आपदा के कारण एक वर्ष पहले क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत के लिए जब सरकारी विभागों ने कोई ध्यान नहीं दिया तो गांव के लोगों ने खुद ही रास्ते की मरम्मत की ठान ली है। थल बाजार से डुंगरी गांव जाने वाले पैदल रास्ते का 500 मीटर हिस्सा मलबे से पटा है। इस रास्ते से पैदल चलने में भारी दिक्कत हो रही है। साथ ही पत्थरों और मलबे के बीच जानवरों को ला पाना संभव नहीं है।
गांव के लोगों ने बताया कि पहले इस रास्ते की मरम्मत लोक निर्माण विभाग करता था, लेकिन पिछले पांच साल से लोनिवि ने पैदल रास्ते की मरम्मत के लिए मजदूर लगाना बंद कर दिए हैं। गतवर्ष यह पैदल रास्ता आपदा के समय ध्वस्त हो गया था। गांव के लोगों ने कई बार तहसील प्रशासन, लोनिवि और जिला पंचायत को पत्र भेजे, लेकिन रास्ते की मरम्मत नहीं हुई।
गांव के नेत्र सिंह मेहता और राजेंद्र सिंह मेहता के नेतृत्व में हुई बैठक में तय किया गया कि अब गांव के लोग खुद ही रास्ते की मरम्मत करेंगे। गांव के कई लोग कुदाल, फावड़ा, बेलचा, संबल लेकर मलबा हटाने के काम में जुटे हैं। तय किया गया है कि 500 मीटर रास्ते की मरम्मत चार दिन में पूरी कर ली जाएगी।
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गांव के लोगों ने बताया कि पहले इस रास्ते की मरम्मत लोक निर्माण विभाग करता था, लेकिन पिछले पांच साल से लोनिवि ने पैदल रास्ते की मरम्मत के लिए मजदूर लगाना बंद कर दिए हैं। गतवर्ष यह पैदल रास्ता आपदा के समय ध्वस्त हो गया था। गांव के लोगों ने कई बार तहसील प्रशासन, लोनिवि और जिला पंचायत को पत्र भेजे, लेकिन रास्ते की मरम्मत नहीं हुई।
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गांव के नेत्र सिंह मेहता और राजेंद्र सिंह मेहता के नेतृत्व में हुई बैठक में तय किया गया कि अब गांव के लोग खुद ही रास्ते की मरम्मत करेंगे। गांव के कई लोग कुदाल, फावड़ा, बेलचा, संबल लेकर मलबा हटाने के काम में जुटे हैं। तय किया गया है कि 500 मीटर रास्ते की मरम्मत चार दिन में पूरी कर ली जाएगी।
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