{"_id":"59ce84084f1c1bc9538b4f56","slug":"161506706440-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी लगने के बाद महंगे हुए सौंदर्य प्रसाधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी लगने के बाद महंगे हुए सौंदर्य प्रसाधन
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जीएसटी लगने के बाद बाजार में सौंदर्य प्रसाधनों की कीमतें बढ़ गई हैं। व्यापारी अब जीएसटी का भुगतान करने के बाद ही सामान ला रहे हैं और इसकी भरपाई ग्राहक से की जा रही है। अब तक 50 रुपये दर्जन में मिलने वाली चूड़ियां 65 रुपये में मिल रही हैं। चमड़े का जो पर्स 200 रुपये में मिलता था, उसकी कीमत 260 रुपये तक पहुंच गई है। 100 रुपये वाला खिलौना अब 128 रुपये में मिल रहा है।
पिथौरागढ़ नगर में सौंदर्य प्रसाधन की सैकड़ों दुकानें हैं। हाल के वर्षों में नए तरह का व्यवसाय पनपने से कई लोगों ने सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें खोली हैं। जीएसटी लगने और भाड़ा बढ़ने से सामान की कीमतें उछाल पर हैं, हालांकि सरकार ने कांच की चूड़ियों, पायल, पैरों पर पहने जाने वाले बिच्छू पर जीएसटी नहीं लगाया है, लेकिन सभी तरह के ब्रांडेड और बिना ब्रांड वाले सामानों पर जीएसटी की सबसे ऊंची 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया है। सौंदर्य प्रसाधन की दुकान चलाने वाले व्यापारी राजू मल्ल का कहना है कि जीएसटी लगने से दुकानदार का लाभांश कम हो गया है। क्योंकि कोई भी सामग्री बिना जीएसटी के नहीं आ रही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि सौंदर्य प्रसाधन के बाजार में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ग्राहक को संतुष्ट रखने के लिए कीमतें खुद ही नुकसान झेलकर कम करनी पड़ रही है। ब्रांडेड कंपनी के लक्मे, रेवलोन, ब्लू हेवन आदि के नाखून पालिस और लिपस्टिक में 28 प्रतिशत तक जीएसटी लगने से इनकी बिक्री बहुत कम हो गई है। हालांकि कड़े और लाख की चूड़ियों पर 12 प्रतिशत की दर से ही जीएसटी लगी है। ज्यादातर सामानों पर जीएसटी लग कर आ रहा हैं। चमड़े से बने पर्स, बेल्ट, खिलौनों पर जीएसटी लगने से इनकी बिक्री भी कम हो गई है।
विज्ञापन
व्यापारियों का कहना है कि करवाचौथ और दिवाली त्योहार आने वाले हैं, इन त्योहारों के लिए बिक्री नवरात्र से शुरू हो जाती थी, लेकिन अभी ग्राहक बाजार में नहीं आ रहा है। कृत्रिम फूलों और मालाओं की बिक्री भी प्रभावित हुई है। दिवाली की जो खरीदारी पिछले साल नवरात्र से शुरू होती थी, वह अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ नगर में सौंदर्य प्रसाधन की सैकड़ों दुकानें हैं। हाल के वर्षों में नए तरह का व्यवसाय पनपने से कई लोगों ने सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें खोली हैं। जीएसटी लगने और भाड़ा बढ़ने से सामान की कीमतें उछाल पर हैं, हालांकि सरकार ने कांच की चूड़ियों, पायल, पैरों पर पहने जाने वाले बिच्छू पर जीएसटी नहीं लगाया है, लेकिन सभी तरह के ब्रांडेड और बिना ब्रांड वाले सामानों पर जीएसटी की सबसे ऊंची 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया है। सौंदर्य प्रसाधन की दुकान चलाने वाले व्यापारी राजू मल्ल का कहना है कि जीएसटी लगने से दुकानदार का लाभांश कम हो गया है। क्योंकि कोई भी सामग्री बिना जीएसटी के नहीं आ रही है।
विज्ञापन
सबसे बड़ी बात यह है कि सौंदर्य प्रसाधन के बाजार में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ग्राहक को संतुष्ट रखने के लिए कीमतें खुद ही नुकसान झेलकर कम करनी पड़ रही है। ब्रांडेड कंपनी के लक्मे, रेवलोन, ब्लू हेवन आदि के नाखून पालिस और लिपस्टिक में 28 प्रतिशत तक जीएसटी लगने से इनकी बिक्री बहुत कम हो गई है। हालांकि कड़े और लाख की चूड़ियों पर 12 प्रतिशत की दर से ही जीएसटी लगी है। ज्यादातर सामानों पर जीएसटी लग कर आ रहा हैं। चमड़े से बने पर्स, बेल्ट, खिलौनों पर जीएसटी लगने से इनकी बिक्री भी कम हो गई है।
विज्ञापन
व्यापारियों का कहना है कि करवाचौथ और दिवाली त्योहार आने वाले हैं, इन त्योहारों के लिए बिक्री नवरात्र से शुरू हो जाती थी, लेकिन अभी ग्राहक बाजार में नहीं आ रहा है। कृत्रिम फूलों और मालाओं की बिक्री भी प्रभावित हुई है। दिवाली की जो खरीदारी पिछले साल नवरात्र से शुरू होती थी, वह अब तक शुरू नहीं हो पाई है।