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गेठिगाड़ा वालों ने भी प्रदर्शन किया
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:03 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। महाकाली किनारे बसे गेठिगाड़ा गांव के लोगों ने भी पंचेश्वर बांध का विरोध शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया और किसी भी दशा में अपनी जमीन को न छोड़ने का ऐलान किया।
गेठिगाड़ा गांव में 150 परिवार रहते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार जबर्दस्ती उनको गांव से बेदखल करने की योजना बना रही है। लोगों का कहना है कि उनको किसी भी सूरत में बांध नहीं चाहिए और गांव का अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
महाकाली की आवाज संगठन के बैनर तले अब बांध के विरोध की आवाज दूरदराज गांवों तक पहुंचने लगी है। गेठिगाड़ा के लोगों का कहना है कि सरकार ने गांव के विकास की बात तो कभी नहीं सोची, लेकिन अब बांध के नाम पर लोगों के मन में खौफ पैदा किया जा रहा है।
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गांव के किशन सिंह, हरीश रावल, भूपेंद्र सिंह, भूपाल सिंह, विशना देवी, प्रकाश सिंह, मनोज सिंह, जमुना देवी आदि ने कहा कि वह बांध का विरोध जारी रखेंगे और बांध को नहीं बनने देंगे। गेठिगाड़ा के लोगों ने मुआवजा या पुनर्वास की कोई मांग नहीं उठाई है। वह बांध का विरोध कर रहे हैं।
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गेठिगाड़ा गांव में 150 परिवार रहते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार जबर्दस्ती उनको गांव से बेदखल करने की योजना बना रही है। लोगों का कहना है कि उनको किसी भी सूरत में बांध नहीं चाहिए और गांव का अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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महाकाली की आवाज संगठन के बैनर तले अब बांध के विरोध की आवाज दूरदराज गांवों तक पहुंचने लगी है। गेठिगाड़ा के लोगों का कहना है कि सरकार ने गांव के विकास की बात तो कभी नहीं सोची, लेकिन अब बांध के नाम पर लोगों के मन में खौफ पैदा किया जा रहा है।
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गांव के किशन सिंह, हरीश रावल, भूपेंद्र सिंह, भूपाल सिंह, विशना देवी, प्रकाश सिंह, मनोज सिंह, जमुना देवी आदि ने कहा कि वह बांध का विरोध जारी रखेंगे और बांध को नहीं बनने देंगे। गेठिगाड़ा के लोगों ने मुआवजा या पुनर्वास की कोई मांग नहीं उठाई है। वह बांध का विरोध कर रहे हैं।