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जीएसटी को लेकर बढ़ने लगी आशंकाएं
Updated Sat, 24 Jun 2017 10:52 PM IST
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जीएसटी को लेकर बढ़ने लगी आशंकाएं
पिथौरागढ़। केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। 30 जून की रात इसकी लांचिंग हो जाएगी। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी को लेकर अब आशंकाओं का बाजार गर्म है। छोटे और मझले व्यापारी सबसे ज्यादा आशंका में हैं।
उनका कहना है कि इतने दिनों से चल रहे हो-हल्ले के बाद भी सरकार जीएसटी के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पाई है। इससे यह भी संभावना जताई जा रही है कि कहीं वाणिज्य कर विभाग इस बहाने व्यापारियों को परेशान न करने लग जाए। दूसरा व्यापारी जीएसटी की प्रक्रिया को ज्यादा जटिल बताते हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन बिलिंग की व्यवस्था से काम का बोझ बढ़ जाएगा। दूसरे प्रांत से सामान लाने पर कितना टैक्स देना होगा कहा नहीं जा सकता। व्यापारी यही कहते हैं कि इसके लाभ-हानि के बारे में तभी पता चलेगा, जब यह लागू होगा। कुल मिलाकर सभी व्यापारियों का यही मानना है कि जीएसटी से छोटे और मध्यम व्यापारियों की दिक्कत बढ़ जाएगी।
जीएसटी में कोई भी बात स्पष्ट नहीं
सिमलगैर के इलेक्ट्रानिक्स के व्यापारी ललित मोहन जोशी का कहना है कि जीएसटी क्या है, यह अब तक व्यापारियों को मालूम नहीं हो पाया है। वह कहते हैं कि जीएसटी को लेकर भारी आशंका है। इस समय सामान खरीदने में भी डर लग रहा है। फिलहाल सामान नहीं मंगा रहे हैं। वह कहते हैं कि जीएसटी को लेकर कोई भी बात स्पष्ट नहीं है। व्यापारियों के लिए भारी असमंजस की स्थिति है।
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सरकार जैसा चाहेगी वैसा ही होगा
स्टेशनरी के व्यापारी राजेंद्र चिलकोटी ने बताया कि उन्होंने वैट को बदलकर जीएसटी में पंजीकरण करा लिया है। सरकार जैसा चाहेगी वैसा ही होगा। अब जब जीएसटी लागू करने का फैसला हो चुका है तो व्यापारी उसमें क्या कर सकता है। वह कहते हैं कि सरकार को जीएसटी के बारे में सारी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अन्यथा पूरे देश में आशंकाएं बढ़ती जाएंगी और व्यापार पर असर पड़ेगा।
व्यापारियों की समस्या बढ़ेगी
फोटोग्राफी व्यवसायी नवल किशोर रावल का कहना है कि जीएसटी की प्रक्रिया वैट से ज्यादा जटिल है। इसके तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने में कठिन दावों से गुजरना होगा। जीएसटी में ऑनलाइन बिलिंग प्रक्रिया का प्रावधान हैं। इसे लागू करने से पहले देश के सभी व्यापारियों के साथ बैठकर फिर से विचार होना चाहिए। यह तय है कि जीएसटी से व्यापारियों की समस्या बढ़ेगी।
जीएसटी से महंगाई बढ़ने की आशंका
हार्डवेयर व्यापारी राजीव भसीन का कहना है जीएसटी लागू होने के बाद जो भी स्टॉक व्यापारी के पास बचेगा उसका टैक्स सरकार को दोबारा देना होगा। ऐसा होने पर व्यापारी को बहुत नुकसान होगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है। वैसे जीएसटी आने वाले समय के लिए बहुत अच्छा है। देश से टैक्स की गंदगी साफ हो जाएगी। कई बातें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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पिथौरागढ़। केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। 30 जून की रात इसकी लांचिंग हो जाएगी। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी को लेकर अब आशंकाओं का बाजार गर्म है। छोटे और मझले व्यापारी सबसे ज्यादा आशंका में हैं।
उनका कहना है कि इतने दिनों से चल रहे हो-हल्ले के बाद भी सरकार जीएसटी के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पाई है। इससे यह भी संभावना जताई जा रही है कि कहीं वाणिज्य कर विभाग इस बहाने व्यापारियों को परेशान न करने लग जाए। दूसरा व्यापारी जीएसटी की प्रक्रिया को ज्यादा जटिल बताते हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन बिलिंग की व्यवस्था से काम का बोझ बढ़ जाएगा। दूसरे प्रांत से सामान लाने पर कितना टैक्स देना होगा कहा नहीं जा सकता। व्यापारी यही कहते हैं कि इसके लाभ-हानि के बारे में तभी पता चलेगा, जब यह लागू होगा। कुल मिलाकर सभी व्यापारियों का यही मानना है कि जीएसटी से छोटे और मध्यम व्यापारियों की दिक्कत बढ़ जाएगी।
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जीएसटी में कोई भी बात स्पष्ट नहीं
सिमलगैर के इलेक्ट्रानिक्स के व्यापारी ललित मोहन जोशी का कहना है कि जीएसटी क्या है, यह अब तक व्यापारियों को मालूम नहीं हो पाया है। वह कहते हैं कि जीएसटी को लेकर भारी आशंका है। इस समय सामान खरीदने में भी डर लग रहा है। फिलहाल सामान नहीं मंगा रहे हैं। वह कहते हैं कि जीएसटी को लेकर कोई भी बात स्पष्ट नहीं है। व्यापारियों के लिए भारी असमंजस की स्थिति है।
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सरकार जैसा चाहेगी वैसा ही होगा
स्टेशनरी के व्यापारी राजेंद्र चिलकोटी ने बताया कि उन्होंने वैट को बदलकर जीएसटी में पंजीकरण करा लिया है। सरकार जैसा चाहेगी वैसा ही होगा। अब जब जीएसटी लागू करने का फैसला हो चुका है तो व्यापारी उसमें क्या कर सकता है। वह कहते हैं कि सरकार को जीएसटी के बारे में सारी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अन्यथा पूरे देश में आशंकाएं बढ़ती जाएंगी और व्यापार पर असर पड़ेगा।
व्यापारियों की समस्या बढ़ेगी
फोटोग्राफी व्यवसायी नवल किशोर रावल का कहना है कि जीएसटी की प्रक्रिया वैट से ज्यादा जटिल है। इसके तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने में कठिन दावों से गुजरना होगा। जीएसटी में ऑनलाइन बिलिंग प्रक्रिया का प्रावधान हैं। इसे लागू करने से पहले देश के सभी व्यापारियों के साथ बैठकर फिर से विचार होना चाहिए। यह तय है कि जीएसटी से व्यापारियों की समस्या बढ़ेगी।
जीएसटी से महंगाई बढ़ने की आशंका
हार्डवेयर व्यापारी राजीव भसीन का कहना है जीएसटी लागू होने के बाद जो भी स्टॉक व्यापारी के पास बचेगा उसका टैक्स सरकार को दोबारा देना होगा। ऐसा होने पर व्यापारी को बहुत नुकसान होगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है। वैसे जीएसटी आने वाले समय के लिए बहुत अच्छा है। देश से टैक्स की गंदगी साफ हो जाएगी। कई बातें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।