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कासनी, कुसौली के 18 भवन सेना को हस्तांतरित होंगे
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़। कासनी और कुसौली गांव के 18 भवनों को रक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की कार्यवाही चल रही है। सेना और जिला प्रशासन की त्रैमासिक बैठक में इस बाबत जानकारी देने के साथ ही सैन्य क्षेत्र में रास्तों आदि पर विस्तार से चर्चा हुई।
डीएम सी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेना और जिला प्रशासन की ओर से रखे गए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। सैन्य क्षेत्र से 18 घरों को खाली कराने के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए कहा गया कि कासनी और कुसौली में 18 भवन ऐसे हैं, जिन्हें रक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से रक्षा संपदा अधिकारी बरेली को आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। जिले में 130 ईको टास्क फोर्स के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में डीएम ने बताया कि पाभें गांव में भूमि का चयन किया गया है, जिसका जल्द संयुक्त निरीक्षण कराया जाएगा।
बैठक में सेना द्वारा गांव, मंदिर, पनघट, गोचर के रास्ते रोकने के संबंध में हुई चर्चा के दौरान ब्रिगेडियर रंजन मलिक ने बताया कि सैन्य क्षेत्र में निर्मित सभी रास्ते ग्रामीणों के आवागमन के लिए पूर्ण रूप से खोले गए हैं। बताया कि सैन्य प्रशिक्षण और वीआईपी के भ्रमण के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कुछ घंटे के लिए रास्तों को बंद किया जाता है। इसकी सूचना ग्रामीणों को दे दी जाती है।
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डीएम ने आपदा की सूचनाओं को सेना को देने के निर्देश जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा को दिए। डीएम ने बताया कि बीआरओ मांगती, घट्टाबगड़ से आगे सड़क का निर्माण कर रहा है, इसे देखते हुए अगले चार महीने के लिए पैदल रास्ते को बंद किया जा रहा है। लोनिवि ने वैकल्पिक पैदल मार्ग का निर्माण कर दिया है। उस क्षेत्र में स्थित सेना, आईटीबीपी, एसएसबी के कैंपों को अन्यत्र शिफ्ट करने की अपील सेना के अधिकारियों से की।
डीएम ने सेना और सीमा सड़क संगठन को भूमि हस्तांतरित करने को मामलों को 15 दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश उपजिलाधिकारियों को दिए। सैन्य क्षेत्र में नगर का कूड़ा फेंकने के संबंध में डीएम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी को जांच के निर्देश दिए। सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक संदीप मदान ने कहा कि जिले में सेना भर्ती कराने का अनुरोध लगातार किया जा रहा है।
भर्ती के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में जिला प्रशासन की सहमति प्राप्त होने पर भर्ती के लिए सेना मुख्यालय को पत्र लिखा जाएगा। इस दौरान छियालेख से इनर लाइन जौलजीबी लाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सेना और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।
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डीएम सी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेना और जिला प्रशासन की ओर से रखे गए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। सैन्य क्षेत्र से 18 घरों को खाली कराने के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए कहा गया कि कासनी और कुसौली में 18 भवन ऐसे हैं, जिन्हें रक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से रक्षा संपदा अधिकारी बरेली को आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। जिले में 130 ईको टास्क फोर्स के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में डीएम ने बताया कि पाभें गांव में भूमि का चयन किया गया है, जिसका जल्द संयुक्त निरीक्षण कराया जाएगा।
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बैठक में सेना द्वारा गांव, मंदिर, पनघट, गोचर के रास्ते रोकने के संबंध में हुई चर्चा के दौरान ब्रिगेडियर रंजन मलिक ने बताया कि सैन्य क्षेत्र में निर्मित सभी रास्ते ग्रामीणों के आवागमन के लिए पूर्ण रूप से खोले गए हैं। बताया कि सैन्य प्रशिक्षण और वीआईपी के भ्रमण के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कुछ घंटे के लिए रास्तों को बंद किया जाता है। इसकी सूचना ग्रामीणों को दे दी जाती है।
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डीएम ने आपदा की सूचनाओं को सेना को देने के निर्देश जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा को दिए। डीएम ने बताया कि बीआरओ मांगती, घट्टाबगड़ से आगे सड़क का निर्माण कर रहा है, इसे देखते हुए अगले चार महीने के लिए पैदल रास्ते को बंद किया जा रहा है। लोनिवि ने वैकल्पिक पैदल मार्ग का निर्माण कर दिया है। उस क्षेत्र में स्थित सेना, आईटीबीपी, एसएसबी के कैंपों को अन्यत्र शिफ्ट करने की अपील सेना के अधिकारियों से की।
डीएम ने सेना और सीमा सड़क संगठन को भूमि हस्तांतरित करने को मामलों को 15 दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश उपजिलाधिकारियों को दिए। सैन्य क्षेत्र में नगर का कूड़ा फेंकने के संबंध में डीएम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी को जांच के निर्देश दिए। सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक संदीप मदान ने कहा कि जिले में सेना भर्ती कराने का अनुरोध लगातार किया जा रहा है।
भर्ती के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में जिला प्रशासन की सहमति प्राप्त होने पर भर्ती के लिए सेना मुख्यालय को पत्र लिखा जाएगा। इस दौरान छियालेख से इनर लाइन जौलजीबी लाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सेना और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।