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तीन युद्धों में भाग लेने वाले आनरेरी कैप्टन मान सिंह का निधन
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:53 PM IST
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पिथौरागढ़। भारत-चीन और भारत-पाक सहित तीन युद्धों में भाग लेने वाले आनरेरी कैप्टन मान सिंह भंडारी का निधन हो गया है। कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त भंडारी ने रई बैंड में शिव विहार कॉलोनी स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली।
1962 में नाइन कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए मान सिंह ने भारत-चीन युद्ध में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने 1965 की भारत-पाक लड़ाई में ऑपरेशन रिडल में शामिल होकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा सेना की ओर से चले कई ऑपरेशन में उन्होंने पराक्रम दिखाया। उनके पराक्रम को देखते हुए सेना ने उन्हें तीन बार चक्रों से सम्मानित भी किया।
सूबेदार मेजर से प्रमोट होकर आनरेरी कैप्टन पद मिलने के बाद वह एनसीसी इलाहाबाद में भी तैनात रहे। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर उनके मूल निवास मेल्टा-बांस गांव में शोक की लहर है।
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1962 में नाइन कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए मान सिंह ने भारत-चीन युद्ध में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने 1965 की भारत-पाक लड़ाई में ऑपरेशन रिडल में शामिल होकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा सेना की ओर से चले कई ऑपरेशन में उन्होंने पराक्रम दिखाया। उनके पराक्रम को देखते हुए सेना ने उन्हें तीन बार चक्रों से सम्मानित भी किया।
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सूबेदार मेजर से प्रमोट होकर आनरेरी कैप्टन पद मिलने के बाद वह एनसीसी इलाहाबाद में भी तैनात रहे। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर उनके मूल निवास मेल्टा-बांस गांव में शोक की लहर है।
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