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मनमर्जी से रॉयल्टी जमा करने वाले 15 विभागों से वसूले जाएंगे 2000 करोड़

Sun, 29 Jul 2018 11:12 PM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:12 PM IST
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मनमर्जी से रॉयल्टी जमा करने वाले 15 विभागों से वसूले जाएंगे 2000 करोड़
पिथौरागढ़। कम रायल्टी जमा करने वाले 15 विभागों पर लगभग 2000 करोड़ की पेनाल्टी लगेगी। रायल्टी में निर्माणदायी संस्थाओं की गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद खनन विभाग ने बनकोट-गणाई सड़क में 60 लाख की पेनाल्टी लगा दी है। खनन विभाग को इस मामले में कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी के अवकाश से लौटने का इंतजार है।
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जिले में सड़कों सहित अन्य तमाम तरह के निर्माण कार्य करने वाले करीब 15 विभागों ने निर्माण के दौरान निकलने वाले पत्थर, गिट्टी और बजरी की रॉयल्टी विभागों में जमा की थी। उसकी अनुमति जिलाधिकारी से नहीं ली गई थी। पिछले दिनों ऑडिट के लिए देहरादून से आए महालेखा निरीक्षक ने इस गड़बड़ी को पकड़ा था। इसमें पिछले एक वर्ष के दौरान कराए गए निर्माण कार्य और विभागों की ओर से जमा की गई रॉयल्टी की धनराशि में बड़ा अंतर पाया गया था। विभागों ने खनन विभाग के पास केवल 20 करोड़ रुपये की रॉयल्टी जमा कराई थी।
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जितनी खनिज सामग्री उपयोग में लाई गई थी उसकी रायल्टी 400 करोड़ रुपये आंकी गई। महालेखा निरीक्षक के साथ आई टीम पत्रावलियों को कब्जे में लेकर देहरादून लौट गई। इसके खुलासे के बाद हरकत में आए खनन विभाग ने 25 किमी लंबी बनकोट-गणाई सड़क में खनिज सामग्री के उपयोग के लिए डीएम की अनुमति नहीं लेने पर निर्माणदायी एजेंसी लोक निर्माण विभाग पर 60 लाख की पेनाल्टी लगाई है।
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प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेज दिया है। जिलाधिकारी के लौटने के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी। पिथौरागढ़ के खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि खनन सामग्री के उपयोग से पहले सभी निर्माणदायी विभागों को जिला प्रशासन से अनुमति लेनी अनिवार्य होती है। उप खनिज की नापजोख के बाद भी रायल्टी की राशि तय होती है। कोई भी विभाग अपनी मर्जी से रायल्टी की धनराशि जमा नहीं कर सकता। उप खनिज नियमावली का उल्लंघन करने वाले विभागों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। महालेखा निरीक्षक ने इससे पहले उप खनिज सामग्री के प्रयोग के लिए उत्तरकाशी में निर्माणदायी एजेंसियों पर एक हजार करोड़ की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है।
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