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अस्याली का अस्थाई पुल बहा, कई गांवों के लोग दिक्कत में
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:48 PM IST
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थल (पिथौरागढ़) बुधवार रात हुई बारिश से रामगंगा का जल स्तर एकाएक बढ़ गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्याली गांव को जोड़ने के लिए बनाया गया अस्थायी कच्चा पुल बह गया।
अस्याली गांव को जोड़ने के लिए रामगंगा में पक्का पुल नहीं बना हुआ है। हर साल अक्तूबर में ग्रामीण 60 मीटर लंबा अस्थायी लकड़ी का पुल नदी में बनाते हैं। नदी का जल स्तर बढ़ने पर हर साल मई, जून में यह पुल बह जाता है। पुल बहने से अस्याली के साथ ही कलान, कस्यारी, बल्याऊं, सिंटोलिया, बलिगाड़, ओखलिया और चिफलवा गांव के लोग गंभीर संकट में फंस गए हैं। पुल बहने से अब इन गांवों के लोगों को चार किमी दूर से घूमकर जाना पड़ेगा। क्षेत्र के लोग लंबे समय से रामगंगा में झूलापुल बनाने की मांग कर रहे थे। 2017 में ग्रामीणों की मुराद पूरी हुई। सरकार ने रामगंगा में झूलापुल को मंजूरी दी। वर्तमान में झूलापुल का निर्माण प्रगति पर है। पुल का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पुल बनने के बाद नदी में हर साल अस्थायी पुल बनाने से निजात मिल जाएगी। अस्थायी पुल बहने से फिलहाल सितंबर तक क्षेत्र के लोगों को आवागमन में दिक्कत झेलनी होगी।
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अस्याली गांव को जोड़ने के लिए रामगंगा में पक्का पुल नहीं बना हुआ है। हर साल अक्तूबर में ग्रामीण 60 मीटर लंबा अस्थायी लकड़ी का पुल नदी में बनाते हैं। नदी का जल स्तर बढ़ने पर हर साल मई, जून में यह पुल बह जाता है। पुल बहने से अस्याली के साथ ही कलान, कस्यारी, बल्याऊं, सिंटोलिया, बलिगाड़, ओखलिया और चिफलवा गांव के लोग गंभीर संकट में फंस गए हैं। पुल बहने से अब इन गांवों के लोगों को चार किमी दूर से घूमकर जाना पड़ेगा। क्षेत्र के लोग लंबे समय से रामगंगा में झूलापुल बनाने की मांग कर रहे थे। 2017 में ग्रामीणों की मुराद पूरी हुई। सरकार ने रामगंगा में झूलापुल को मंजूरी दी। वर्तमान में झूलापुल का निर्माण प्रगति पर है। पुल का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पुल बनने के बाद नदी में हर साल अस्थायी पुल बनाने से निजात मिल जाएगी। अस्थायी पुल बहने से फिलहाल सितंबर तक क्षेत्र के लोगों को आवागमन में दिक्कत झेलनी होगी।
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