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इनरलाइन को फिर से जौलजीबी लाया जाए
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। हिंदू जागरण मंच ने इनरलाइन हटने के बाद धारचूला एवं मुनस्यारी में बाहरी लोगों की आबादी बढ़ने पर चिंता जताई है और इनरलाइन को फिर से जौलजीबी में स्थापित करने की मांग की है।
हिजामं के प्रदेश संगठन मंत्री भगवान सिंह कार्की ने यहां आयोजित बैठक में कहा कि 1998 में बिना कारण जौलजीबी से इनरलाइन को छियालेख शिफ्ट कर दिया गया था। तब से धारचूला और मुनस्यारी में बाहरी लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जब तक जौलजीबी में इनरलाइन थी तब तक धारचूला और मुनस्यारी जाने के लिए परमिट बनाना पड़ता था।
बैठक में उन्होंने कहा कि इनरलाइन के मुद्दे पर एक बार फिर से आंदोलन चलाना होगा और इसे जौलजीबी में स्थापित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के लिए अलग विकास योजना बनाने और पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की वकालत की है। बैठक में हिजामं जिलाध्यक्ष कमलेश वल्दिया, युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आलोक धामी, कमलेश धामी, हरीश सिंह रावत, विजय कार्की, दीपक ठकुराठी, धीरज भंडारी, अनूप रजवार, मुन्ना सिंह, नीरज मेहता आदि थे।
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हिजामं के प्रदेश संगठन मंत्री भगवान सिंह कार्की ने यहां आयोजित बैठक में कहा कि 1998 में बिना कारण जौलजीबी से इनरलाइन को छियालेख शिफ्ट कर दिया गया था। तब से धारचूला और मुनस्यारी में बाहरी लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जब तक जौलजीबी में इनरलाइन थी तब तक धारचूला और मुनस्यारी जाने के लिए परमिट बनाना पड़ता था।
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बैठक में उन्होंने कहा कि इनरलाइन के मुद्दे पर एक बार फिर से आंदोलन चलाना होगा और इसे जौलजीबी में स्थापित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के लिए अलग विकास योजना बनाने और पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की वकालत की है। बैठक में हिजामं जिलाध्यक्ष कमलेश वल्दिया, युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आलोक धामी, कमलेश धामी, हरीश सिंह रावत, विजय कार्की, दीपक ठकुराठी, धीरज भंडारी, अनूप रजवार, मुन्ना सिंह, नीरज मेहता आदि थे।
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