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मौसम सूखा, तापमान में कोई सुधार नहीं

Tue, 16 Jan 2018 10:41 PM IST
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:41 PM IST
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मौसम सूखा, तापमान में कोई सुधार नहीं
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। जिले में मौसम एकदम सूखा है और तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। मंगलवार को जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं, मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान अब भी शून्य डिग्री पर ही है। पूरा जिला सूखी कड़ाके की ठंड की चपेट में है। रात के समय आसमान साफ रहने से पाला गिर रहा है। इस बार मौसम की बेरुखी से लोग हैरान हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति इसी प्रकार बनी रहेगी। इस समय कोई सिस्टम सक्रिय न होने से बारिश या बर्फबारी के आसार नहीं बन पा रहे हैं। दिन और रात के तापमान में करीब 15 डिग्री का भारी अंतर आ रहा है। दिन में तेज धूप निकल रही है तो सुबह, शाम कड़ाके की ठंड रहती है। मुनस्यारी में पिछले कई दिनों से न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पर है। अलबत्ता दिन का तापमान 12 से 14 डिग्री तक पहुंच रहा है।
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मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। इस समय मुनस्यारी में पर्यटकों की आवाजाही भी नगण्य है। स्कूलों में अवकाश होने के कारण विद्यार्थी घरों को चले गए हैं। बाजार में लगभग सुनसानी का आलम है। इस बीच मौसम विभाग के अनुसार मौसम में फिलहाल कोई खास बदलाव आने वाला नहीं है। कुछ दिनों तक लोगों को सूखी ठंड परेशान करती रहेगी।
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बारिश न होने से फसलों पर असर
पिथौरागढ़। बारिश न होने से इस बार फसलों पर व्यापक असर पड़ा है। गेहूं, जौ, मसूर की फसल पर सूखा और पाला दोनों का प्रभाव पड़ा है। अब यदि बारिश होती भी है तो उससे कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। इस बार प्रतिकूल मौसम ने किसानों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। शासन ने अब तक सूखे का सर्वे कराने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी प्रशासन ने सूखे के सर्वे के लिए कदम नहीं उठाया है।


पेयजल संकट गहराने की आशंका
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। प्राकृतिक स्रोतों पर आधारित डीडीहाट की पेयजल योजना पर इस बार काफी असर पड़ने लगा है। प्राकृतिक स्रोतों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि इस बार फरवरी से ही पेयजल का संकट गहराने लगेगा। जल संस्थान ने पेयजल संकट से निपटने के लिए इस बार पहले से तैयारी शुरू कर दी है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि संकट से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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