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एसिड अटैक पीड़िता को नहीं मिला मुआवजा
Updated Tue, 01 May 2018 11:05 PM IST
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पिथौरागढ़। एसिड अटैक के मामले में अदालत के फैसले के बाद भी पीड़िता को मुआवजा नहीं मिल पाया है। पीड़ित पक्ष मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक भरोसे के सिवा कुछ नहीं मिला है।
पिथौरागढ़ में 19 दिसंबर 2017 को प्रेम संबंध की रंजिश के चलते हाशिम उर्फ गुड्डु ने विवाहिता परवीन पर तेजाब से हमला किया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अदालत ने फरवरी के आखिरी सप्ताह में सुनवाई पूरी कर आरोपी को सजा सुनाई थी। अदालत ने सजा के साथ ही पीड़ित पक्ष को उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता योजना के तहत मुआवजे के आदेश दिए थे, लेकिन घटना के चार माह बाद भी पीड़ित पक्ष को सरकारी मदद नहीं मिल पाई है, जबकि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। पति शाकिर कबाड़ बेचकर परिवार का भरण पोषण करता है।
पत्नी के इलाज में हजारों की जमा पूंजी खर्च हो चुकी है। इससे पहले पति को इलाज के लिए गहने तक बेचने पड़े। पीड़िता हल्द्वानी के राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती है। शाकिर का कहना है कि पत्नी के इलाज के बीच बच्चों की परवरिश करना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि घटना के बाद से सरकारी मदद के नाम पर एक पाई तक नहीं मिली है, जबकि वह कलक्ट्रेट से लेकर एसपी कार्यालय तक गुहार लगा चुका है।
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हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता राशि में बढ़ोतरी हुई है। इसके तहत पीड़ित को बढ़ा हुआ भुगतान करना है। सहायता राशि में संशोधन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही पीड़ित पक्ष को मुआवजा मिल जाएगा। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में 19 दिसंबर 2017 को प्रेम संबंध की रंजिश के चलते हाशिम उर्फ गुड्डु ने विवाहिता परवीन पर तेजाब से हमला किया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अदालत ने फरवरी के आखिरी सप्ताह में सुनवाई पूरी कर आरोपी को सजा सुनाई थी। अदालत ने सजा के साथ ही पीड़ित पक्ष को उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता योजना के तहत मुआवजे के आदेश दिए थे, लेकिन घटना के चार माह बाद भी पीड़ित पक्ष को सरकारी मदद नहीं मिल पाई है, जबकि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। पति शाकिर कबाड़ बेचकर परिवार का भरण पोषण करता है।
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पत्नी के इलाज में हजारों की जमा पूंजी खर्च हो चुकी है। इससे पहले पति को इलाज के लिए गहने तक बेचने पड़े। पीड़िता हल्द्वानी के राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती है। शाकिर का कहना है कि पत्नी के इलाज के बीच बच्चों की परवरिश करना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि घटना के बाद से सरकारी मदद के नाम पर एक पाई तक नहीं मिली है, जबकि वह कलक्ट्रेट से लेकर एसपी कार्यालय तक गुहार लगा चुका है।
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हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता राशि में बढ़ोतरी हुई है। इसके तहत पीड़ित को बढ़ा हुआ भुगतान करना है। सहायता राशि में संशोधन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही पीड़ित पक्ष को मुआवजा मिल जाएगा। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़