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इंटर कॉलेज में हो रही हाइस्कूल तक की पढ़ाई
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:48 PM IST
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गंगोलीहाट/पिथौरागढ़। राजकीय इंटर कॉलेज कोठेरा एलटी के सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया गया है। इस कारण दो सत्रों से इंटर की कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। यहां सिर्फ हाइस्कूल तक की ही शिक्षा दी जा रही है।
तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूरी पर स्थित कोठेरा हाइस्कूल को सरकार ने वर्ष 2012 में बगैर शिक्षक, प्रधानाचार्य, स्टाफ के पद सृजित किए इंटर कॉलेज का दर्जा दे दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद वर्ष 2016 में प्रधानाचार्य, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास और राजनीतिशास्त्र के प्रवक्ताओं के पद सृजित किए गए, लेकिन तैनाती फिर भी नहीं की।
एलटी के विज्ञान और व्यायाम के शिक्षकों के सहारे विद्यालय संचालित होता रहा। वर्ष 2017 में एलटी में दो अतिथि शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में की गई। मार्च 2018 में अतिथि शिक्षक भी हट गए। इंटर की कक्षाओं को संचालन के लिए अतिथि प्रवक्ता तैनात करने की जहमत भी विभाग ने कभी नहीं उठाई। विद्यालय में प्रधानाचार्य और लिपिक का पद भी रिक्त है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी अवश्य तैनात है।
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शिक्षकों की कमी से विद्यालय में पिछले सत्र से इंटर की पढ़ाई नहीं हो रही है। विद्यालय में कोठेरा, भंडारीगांव, सिमलकोट, खेतीगांव, झरकोठेरा, गोलाईं, बोरखेत, हरड़िया, तुनाड़, रणकोट, जाखनी उप्रेची, बालाकूंचा आदि गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। इन गांवों के विद्यार्थियों को वर्ष 2017 से 8-8 किमी की दूरी पर स्थित गंगोलीहाट और भूलीगांव के इंटर कॉलेज में जाना पड़ रहा है।
इस कारण कोठेरा इंका में छात्रसंख्या में भारी गिरावट आ गई है। कोठेरा के प्रधान भगवती प्रसाद कोठारी कहते हैं कि लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हो गए हैं। प्रधान कहते हैं कि आसपास के गांवों के लोगों को साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
वर्षवार छात्रसंख्या
2012 में 350
2013 में 380
2014 में 394
2015 में 396
2016 में 296
2017 में 194
2018 में 159
शिक्षकों की तैनाती के लिए कई बार प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजे जा चुके हैं। जैसे ही शिक्षक मिलते हैं, कोठेरा जीआईसी में तैनात किए जाएंगे। -किशोर पंत, खंड शिक्षाधिकारी
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तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूरी पर स्थित कोठेरा हाइस्कूल को सरकार ने वर्ष 2012 में बगैर शिक्षक, प्रधानाचार्य, स्टाफ के पद सृजित किए इंटर कॉलेज का दर्जा दे दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद वर्ष 2016 में प्रधानाचार्य, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास और राजनीतिशास्त्र के प्रवक्ताओं के पद सृजित किए गए, लेकिन तैनाती फिर भी नहीं की।
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एलटी के विज्ञान और व्यायाम के शिक्षकों के सहारे विद्यालय संचालित होता रहा। वर्ष 2017 में एलटी में दो अतिथि शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में की गई। मार्च 2018 में अतिथि शिक्षक भी हट गए। इंटर की कक्षाओं को संचालन के लिए अतिथि प्रवक्ता तैनात करने की जहमत भी विभाग ने कभी नहीं उठाई। विद्यालय में प्रधानाचार्य और लिपिक का पद भी रिक्त है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी अवश्य तैनात है।
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शिक्षकों की कमी से विद्यालय में पिछले सत्र से इंटर की पढ़ाई नहीं हो रही है। विद्यालय में कोठेरा, भंडारीगांव, सिमलकोट, खेतीगांव, झरकोठेरा, गोलाईं, बोरखेत, हरड़िया, तुनाड़, रणकोट, जाखनी उप्रेची, बालाकूंचा आदि गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। इन गांवों के विद्यार्थियों को वर्ष 2017 से 8-8 किमी की दूरी पर स्थित गंगोलीहाट और भूलीगांव के इंटर कॉलेज में जाना पड़ रहा है।
इस कारण कोठेरा इंका में छात्रसंख्या में भारी गिरावट आ गई है। कोठेरा के प्रधान भगवती प्रसाद कोठारी कहते हैं कि लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हो गए हैं। प्रधान कहते हैं कि आसपास के गांवों के लोगों को साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
वर्षवार छात्रसंख्या
2012 में 350
2013 में 380
2014 में 394
2015 में 396
2016 में 296
2017 में 194
2018 में 159
शिक्षकों की तैनाती के लिए कई बार प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजे जा चुके हैं। जैसे ही शिक्षक मिलते हैं, कोठेरा जीआईसी में तैनात किए जाएंगे। -किशोर पंत, खंड शिक्षाधिकारी