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पीएम संवेदनशील होते तो रेल परियोजनाओं पर चुप्पी तोड़ते
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:39 PM IST
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पिथौरागढ़। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे में कांग्रेस के शासनकाल में स्वीकृत योजनाओं का शिलान्यास, अनावरण करने पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह काम प्रदेश के सिंचाई मंत्री कर सकते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यदि उत्तराखंड के विकास के प्रति संवेदनशील होते तो रेल परियोजनाओं, ग्रीन बोनस पर अपनी चुप्पी तोड़ते।
यहां पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सांसद टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में बने घाटों का अनावरण किया। मंदिर से दूर बस्ती बसाने की योजना का शिलान्यास किया, यह काम कांग्रेस की सरकार कर गई थी। राज्यसभा सांसद ने कहा प्रधानमंत्री लंबित टनकपुर-बागेश्वर, टनकपुर-जौलजीबी, रामनगर-चौखुटिया रेल परियोजना शुरू करने की दिशा में कोई कदम उठाते तो यह इस पहाड़ी राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होता। पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे राज्य को ग्रीन बोनस देने की बात करते तो इससे राज्य के विकास में मदद मिलती।
कहा कि प्रधानमंत्री से आपदाग्रस्त 350 गांवों के विस्थापन के लिए बजट स्वीकृत करने की उम्मीद राज्य के लोगों को थी, इस महत्वपूर्ण विषय पर भी प्रधानमंत्री ने मुंह नहीं खोला। वह तो केदारनाथ में भगवान केदारनाथ का पूजन करने नहीं, कांग्रेस को कोसने के लिए आए थे। टम्टा ने भाजपा पर लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने के लिए दखल दे रही है। गुजरात, हिमाचल में होने वाले चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर दबाव बनाने से भी नहीं हिचक रही है।
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धारचूला के चुने हुए ब्लाक प्रमुख के खिलाफ बगैर ठोस आरोपों के अविश्वास प्रस्ताव लाना इस बात की तस्दीक करता है। तीन साल पहले सरपंच के पद से इस्तीफा देने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्य की सदस्यता समाप्त कर दी गई। धारचूला में एसडीएम होने के बावजूद पिथौरागढ़ के एसडीएम को पीठासीन अधिकारी बनाया गया। अविश्वास प्रस्ताव की तिथि बदल दी गई। वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, सांसद प्रतिनिधि दीपक लुंठी मौजूद थे।
यहां पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सांसद टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में बने घाटों का अनावरण किया। मंदिर से दूर बस्ती बसाने की योजना का शिलान्यास किया, यह काम कांग्रेस की सरकार कर गई थी। राज्यसभा सांसद ने कहा प्रधानमंत्री लंबित टनकपुर-बागेश्वर, टनकपुर-जौलजीबी, रामनगर-चौखुटिया रेल परियोजना शुरू करने की दिशा में कोई कदम उठाते तो यह इस पहाड़ी राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होता। पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे राज्य को ग्रीन बोनस देने की बात करते तो इससे राज्य के विकास में मदद मिलती।
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कहा कि प्रधानमंत्री से आपदाग्रस्त 350 गांवों के विस्थापन के लिए बजट स्वीकृत करने की उम्मीद राज्य के लोगों को थी, इस महत्वपूर्ण विषय पर भी प्रधानमंत्री ने मुंह नहीं खोला। वह तो केदारनाथ में भगवान केदारनाथ का पूजन करने नहीं, कांग्रेस को कोसने के लिए आए थे। टम्टा ने भाजपा पर लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने के लिए दखल दे रही है। गुजरात, हिमाचल में होने वाले चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर दबाव बनाने से भी नहीं हिचक रही है।
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धारचूला के चुने हुए ब्लाक प्रमुख के खिलाफ बगैर ठोस आरोपों के अविश्वास प्रस्ताव लाना इस बात की तस्दीक करता है। तीन साल पहले सरपंच के पद से इस्तीफा देने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्य की सदस्यता समाप्त कर दी गई। धारचूला में एसडीएम होने के बावजूद पिथौरागढ़ के एसडीएम को पीठासीन अधिकारी बनाया गया। अविश्वास प्रस्ताव की तिथि बदल दी गई। वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, सांसद प्रतिनिधि दीपक लुंठी मौजूद थे।