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चार साल बाद भी तहसीलदार, नायब तहसीलदार की तैनाती नहीं
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:08 PM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। गणाईगंगोली तहसील स्थापित होने के चार साल बाद भी सरकार तहसीलदार, नायब तहसीलदार की तैनाती नहीं कर पाई है। प्रमाणपत्रों के लिए लोगों की अब भी गंगोलीहाट तहसील पर निर्भरता बनी है।
वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में गणाईगंगोली की तहसील खुली। जनवरी 2014 तक बहुगुणा की सरकार प्रदेश में रही। उसके बाद तीन साल तक हरीश रावत की सरकार रही। अब चार महीने से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन तहसील में अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई। नायब तहसीलदार का चार्ज कानूनगो के पास है। छह पटवारियों के स्थान पर मात्र दो कार्यरत हैं।
तहसील से जारी होने वाले विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन गणाईगंगोली तहसील में जमा होते हैं और गंगोलीहाट तहसील से प्रमाणपत्र बनकर आते हैं। इस कारण लोगों को देरी से प्रमाणपत्र जारी हो पाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो, एक बड़े बाबू और दो लिपिक संविदा में तैनात हैं। तहसील का संचालन कानूनगो चौकी से हो रहा है। कानूनगो चौकी के पास ही तहसील भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। भवन के भूतल में लिंटर पड़ा है।
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रिक्त पदों पर तैनाती करे सरकार
कुनल्ता निवासी बलबीर सिंह बोरा कहते हैं कि सरकार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ ही अन्य पदों पर तैनाती करनी चाहिए, तभी तहसील का लाभ लोगों को मिल पाएगा।
पूरी व्यवस्था करनी चाहिए
गणाई निवासी नवीन चंद्र पांडे कहते हैं कि तहसील गठन के समय लोगों को उम्मीद थी कि अब तहसील के लिए गंगोलीहाट पर निर्भरता समाप्त जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार को तहसील की व्यवस्थाएं पूरी करनी चाहिए।
व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ परगने का दर्जा दे सरकार
सेरा उर्फ बडोली के प्रधान मोहन चंद्र जोशी कहते हैं कि तहसील गठन का वास्तविक लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। इलाके के लोग गणाईगंगोली तहसील को परगना का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। सरकार को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के साथ ही परगना का दर्जा दे देना चाहिए।
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वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में गणाईगंगोली की तहसील खुली। जनवरी 2014 तक बहुगुणा की सरकार प्रदेश में रही। उसके बाद तीन साल तक हरीश रावत की सरकार रही। अब चार महीने से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन तहसील में अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई। नायब तहसीलदार का चार्ज कानूनगो के पास है। छह पटवारियों के स्थान पर मात्र दो कार्यरत हैं।
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तहसील से जारी होने वाले विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन गणाईगंगोली तहसील में जमा होते हैं और गंगोलीहाट तहसील से प्रमाणपत्र बनकर आते हैं। इस कारण लोगों को देरी से प्रमाणपत्र जारी हो पाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो, एक बड़े बाबू और दो लिपिक संविदा में तैनात हैं। तहसील का संचालन कानूनगो चौकी से हो रहा है। कानूनगो चौकी के पास ही तहसील भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। भवन के भूतल में लिंटर पड़ा है।
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रिक्त पदों पर तैनाती करे सरकार
कुनल्ता निवासी बलबीर सिंह बोरा कहते हैं कि सरकार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ ही अन्य पदों पर तैनाती करनी चाहिए, तभी तहसील का लाभ लोगों को मिल पाएगा।
पूरी व्यवस्था करनी चाहिए
गणाई निवासी नवीन चंद्र पांडे कहते हैं कि तहसील गठन के समय लोगों को उम्मीद थी कि अब तहसील के लिए गंगोलीहाट पर निर्भरता समाप्त जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार को तहसील की व्यवस्थाएं पूरी करनी चाहिए।
व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ परगने का दर्जा दे सरकार
सेरा उर्फ बडोली के प्रधान मोहन चंद्र जोशी कहते हैं कि तहसील गठन का वास्तविक लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। इलाके के लोग गणाईगंगोली तहसील को परगना का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। सरकार को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के साथ ही परगना का दर्जा दे देना चाहिए।