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Pithoragarh News: कागजों में बना दी 1.20 करोड़ की पेयजल योजना
Wed, 06 Aug 2025 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:00 PM IST
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पानी की योजना के पुराने नल को दिखाते ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। हर घर नल से जल पहुंचाने की जल जीवन मिशन योजना पर सवाल उठ रहे हैं। सीमांत जिले के डीडीहाट विकासखंड के चिटगाल गांव के लिए बनी 1.20 करोड़ की योजना सवालों के घेरे में आई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब भी वह 13 साल पहले बनी पेयजल योजना से प्यास बुझा रहे हैं। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन के तहत नई योजना बनाने के बजाय 13 साल पहले बनी इसी पुरानी योजना का 1.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेज दिया। इसे शासन से मंजूरी भी मिल गई। यह मामला क्षेत्र में चर्चा में है। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच की मांग की है।
चिटगाल गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2012 में बनी 40 लाख रुपये की पेयजल योजना से ही गांव में पानी पहुंच रहा है। यह योजना पुरानी होने से उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वर्ष 2023-24 में गांव के लिए जल जीवन मिशन के तहत 1.20 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई। उन्हें उम्मीद थी कि इस योजना के धरातल पर उतरने से उनकी पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत मंजूर हुई 1.20 करोड़ की योजना में लीपापोती कर दी। 13 साल पुरानी योजना के स्रोत के पास चैंबर, एक टैंक का निर्माण किया गया। इसके अलावा कुछ जगहों पर मामूली मरम्मत की गई। इसी में पूरा बजट खर्च कर दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन योजना के नाम पर उनके साथ धोखा किया गया है।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह और राम सिंह का कहना है कि योजना बनाने के कुछ ही समय बाद चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया है। पुरानी पाइप लाइन जगह-जगह लीक हो रही है। लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव में पहले से अधिक पेयजल संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने की जल जीवन मिशन के तहत बनी चिटगाल गांव की पेयजल योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना कागजों पर तैयार की गई है।
आवाज उठाने पर धमकाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि योजना को लेकर सवाल उठाने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्रोत में पर्याप्त पानी है। योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब गांव के लोग एकजुट होकर योजना की जांच की मांग को लेकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
कोट
ग्रामीणों ने इस मामले को मेरे समक्ष रखा है। इसकी जांच होगी। यदि योजना में लापरवाही बरती गई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, ईई, जल निगम, डीडीहाट।
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चिटगाल गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2012 में बनी 40 लाख रुपये की पेयजल योजना से ही गांव में पानी पहुंच रहा है। यह योजना पुरानी होने से उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वर्ष 2023-24 में गांव के लिए जल जीवन मिशन के तहत 1.20 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई। उन्हें उम्मीद थी कि इस योजना के धरातल पर उतरने से उनकी पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
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विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत मंजूर हुई 1.20 करोड़ की योजना में लीपापोती कर दी। 13 साल पुरानी योजना के स्रोत के पास चैंबर, एक टैंक का निर्माण किया गया। इसके अलावा कुछ जगहों पर मामूली मरम्मत की गई। इसी में पूरा बजट खर्च कर दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन योजना के नाम पर उनके साथ धोखा किया गया है।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह और राम सिंह का कहना है कि योजना बनाने के कुछ ही समय बाद चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया है। पुरानी पाइप लाइन जगह-जगह लीक हो रही है। लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव में पहले से अधिक पेयजल संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने की जल जीवन मिशन के तहत बनी चिटगाल गांव की पेयजल योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना कागजों पर तैयार की गई है।
आवाज उठाने पर धमकाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि योजना को लेकर सवाल उठाने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्रोत में पर्याप्त पानी है। योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब गांव के लोग एकजुट होकर योजना की जांच की मांग को लेकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
कोट
ग्रामीणों ने इस मामले को मेरे समक्ष रखा है। इसकी जांच होगी। यदि योजना में लापरवाही बरती गई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, ईई, जल निगम, डीडीहाट।