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118 साल पुराने स्कूल के पुनर्जीवन की आस जगी
Wed, 15 May 2019 10:54 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 15 May 2019 10:54 PM IST
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पिथौरागढ़ के बाजड़ में लोगों से वार्ता करते खंड शिक्षाधिकारी।
- फोटो : पिथौरागढ़
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बाजड़ के 118 साल पुराने प्राथमिक विद्यालय पर छाए संकट के दूर होने की संभावना बनी है। बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी केके पंत ने गांव पहुंचकर लोगों से बात की। पंत ने कहा कि अभिभावक अगर बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाते हैं तो विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा।
बागेश्वर जिले की सीमा से सटे बाजड़ में वर्ष 1901 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। बाजड़ के 51 परिवारों में से मात्र 11 परिवार ही यहां रह गए हैं। इसका सीधा असर विद्यालय पर भी पड़ा। यहां छात्र संख्या घटने लगी। वर्ष 2018 में इस विद्यालय में मात्र 5 बच्चे थे। इस बार एक भी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया। 10 मई को विभाग ने विद्यालय को बंद कर विद्यालय का सामान संकुल संसाधन केंद्र में शिफ्ट कर दिया।
अमर उजाला ने 12 मई के अंक में 118 साल पुराने स्कूल में लगा ताला शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला की खबर का विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया। बुधवार को खंड शिक्षाधिकारी केके पंत संकुल समन्वयक लाल सिंह के साथ बाजड़ पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों से फिर से स्कूल खोलने के संबंध में चर्चा की। कहा कि गांव के लोग बागेश्वर, कांडा में पढ़ रहे अपने बच्चों का वापस बाजड़ के स्कूल में प्रवेश कराते हैं तो विभाग बाजड़ के विद्यालय को संचालित कर देगा। गांव के लोगों ने इस संबंध में विचार करने की बात कही है। वार्ता में गांव के भैरव दत्त भट्ट, नंदा बल्लब पांडे, ललित भट्ट, चंचल सिंह बोरा, दान सिंह बोरा, गोविंद सिंह आदि शामिल थे।
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बागेश्वर जिले की सीमा से सटे बाजड़ में वर्ष 1901 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। बाजड़ के 51 परिवारों में से मात्र 11 परिवार ही यहां रह गए हैं। इसका सीधा असर विद्यालय पर भी पड़ा। यहां छात्र संख्या घटने लगी। वर्ष 2018 में इस विद्यालय में मात्र 5 बच्चे थे। इस बार एक भी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया। 10 मई को विभाग ने विद्यालय को बंद कर विद्यालय का सामान संकुल संसाधन केंद्र में शिफ्ट कर दिया।
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अमर उजाला ने 12 मई के अंक में 118 साल पुराने स्कूल में लगा ताला शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला की खबर का विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया। बुधवार को खंड शिक्षाधिकारी केके पंत संकुल समन्वयक लाल सिंह के साथ बाजड़ पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों से फिर से स्कूल खोलने के संबंध में चर्चा की। कहा कि गांव के लोग बागेश्वर, कांडा में पढ़ रहे अपने बच्चों का वापस बाजड़ के स्कूल में प्रवेश कराते हैं तो विभाग बाजड़ के विद्यालय को संचालित कर देगा। गांव के लोगों ने इस संबंध में विचार करने की बात कही है। वार्ता में गांव के भैरव दत्त भट्ट, नंदा बल्लब पांडे, ललित भट्ट, चंचल सिंह बोरा, दान सिंह बोरा, गोविंद सिंह आदि शामिल थे।
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