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किसानों ने उठाई सूखे का सर्वे कराने की मांग
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:06 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले के किसानों ने सूखे का सर्वे कराने की मांग उठाई है। कहा है कि इस बार सितंबर से बारिश न होने के कारण गेहूं और मसूर के बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। इस कारण फसलों का उत्पादन चौपट हो जाएगा। जमीन की नमी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। किसानों ने अक्तूबर में गेहूं और मसूर की बुआई कर दी थी, लेकिन अब तक बीज अंकुरित नहीं हुए हैं। जिले में कृषि का 90 फीसदी हिस्से में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है।
प्रगतिशील काश्तकार इकबाल अहमद ने कृषि मंत्री और डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि इस बार सूखे की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। सूखे का असर मुख्य फसलों के साथ ही सब्जियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक सूखे की स्थिति का कोई सर्वे नहीं किया गया है।
सरकार को तत्काल इस गंभीर समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए। इधर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि सूखे का असर व्यापक स्तर पर हो रहा है। यदि अब बारिश हो भी जाती है तो उसका ज्यादा लाभ मिलने वाला नहीं है।
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प्रगतिशील काश्तकार इकबाल अहमद ने कृषि मंत्री और डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि इस बार सूखे की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। सूखे का असर मुख्य फसलों के साथ ही सब्जियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक सूखे की स्थिति का कोई सर्वे नहीं किया गया है।
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सरकार को तत्काल इस गंभीर समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए। इधर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि सूखे का असर व्यापक स्तर पर हो रहा है। यदि अब बारिश हो भी जाती है तो उसका ज्यादा लाभ मिलने वाला नहीं है।
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