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पलायन की मार से वीरान होता आठाबीसी क्षेत्र
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। लोकसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही आठाबीसी क्षेत्र में जौरासी विकासखंड के गठन की घोषणा का मुद्दा भी उठ खड़ा हुआ है। लोगों का कहना है कि जौरासी को विकासखंड बनाने के लिए चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों से बात की जाएगी। विकासखंड की मांग को लेकर यहां 1992 में संघर्ष समिति गठित हो गई थी। अभी हालात यह हैं कि विकासखंड के किसी भी काम के लिए लोगों को करीब 25 किलोमीटर दूरी पैदल ही नापनी पड़ती है।
आठाबीसी क्षेत्र में ओगला, दुुर्लेख, बजानी, ठुलागांव, धकाली, मिर्थी, लधड़ा, हचीला, अजेड़ा और खोली गांव हैं। इन गांवों में फसल और फल उत्पादन भरपूर होता है। दूरदराज के गांवों में कोई सुविधा नहीं होने से तराई की ओर पलायन लगातार बढ़ता गया। इससे चिंतित लोगों ने वर्ष 1992 से ही जौरासी को विकास खंड बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति का गठन किया। पूर्व सैनिक विक्रम भाटिया को इसका अध्यक्ष बनाया गया था।
उनका कहना है कि आठबीसी क्षेत्र के लोगों को विकास खंड डीडीहाट जाने के लिए 25 किमी की दूरी नापनी पड़ती है। विकास खंड की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए। चुनावों के दौरान सभी राजनीतिक दल विकास खंड की मांग पर सहमति जताते हैं।
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बाजवूद इसके चुनाव जीतने के बाद वह मौन धारण कर लेते हैं। भाटिया का कहना है कि विकास खंड की मांग को लेकर अब क्षेत्र के लोग लामबंद हो रहे हैं। चुनाव में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
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आठाबीसी क्षेत्र में ओगला, दुुर्लेख, बजानी, ठुलागांव, धकाली, मिर्थी, लधड़ा, हचीला, अजेड़ा और खोली गांव हैं। इन गांवों में फसल और फल उत्पादन भरपूर होता है। दूरदराज के गांवों में कोई सुविधा नहीं होने से तराई की ओर पलायन लगातार बढ़ता गया। इससे चिंतित लोगों ने वर्ष 1992 से ही जौरासी को विकास खंड बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति का गठन किया। पूर्व सैनिक विक्रम भाटिया को इसका अध्यक्ष बनाया गया था।
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उनका कहना है कि आठबीसी क्षेत्र के लोगों को विकास खंड डीडीहाट जाने के लिए 25 किमी की दूरी नापनी पड़ती है। विकास खंड की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए। चुनावों के दौरान सभी राजनीतिक दल विकास खंड की मांग पर सहमति जताते हैं।
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बाजवूद इसके चुनाव जीतने के बाद वह मौन धारण कर लेते हैं। भाटिया का कहना है कि विकास खंड की मांग को लेकर अब क्षेत्र के लोग लामबंद हो रहे हैं। चुनाव में यह मुद्दा उठाया जाएगा।